एक बार फिर चला मोदी का जादू
लोकसभा चुनावों के सेमीफाइनल में भाजपा को मिली बड़ी जीत
पांच राज्यों में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में से चार राज्यों के चुनाव परिणाम सामने आ गए हैं जिनमें मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ में भाजपा को बहुमत हासिल हो गया है जबकि तेलंगाना में कांग्रेस के प्रति लोगों ने विश्वास जताया है। इन चुनाव परिणामों से स्पष्ट है कि देश के लोगों का भाजपा व विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति न सिर्फ़ विश्वास कायम है बल्कि उनकी नीतियों पर भी पूरा भरोसा है। स्पष्ट है कि लोग चाहते हैं कि देश की बागडोर आगे भी नरेंद्र मोदी के हाथों में ही रखना उचित है। ऐसा इसलिए भी माना जा सकता है क्योंकि इन चुनावों को 2024 में होने जा रहे लोकसभा चुनावों का सेमीफाइनल माना जा रहा है।
मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ में भाजपा को उसकी अपेक्षा से अधिक सफलता हासिल हुई है जिसे मोदी मैजिक ही कहा जा सकता है। चार राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम दर्शा रहे हैं कि देश में मोदी मैजिक पूरी तरह कायम है और कांग्रेस का जाति जनगणना और लोक लुभावना वादों का दांव बिल्कुल नहीं चल पाया है। इन सब की बावजूद जनता ने मोदी की गारंटी को अहमियत दी है। तेलंगाना में भी भाजपा ने पिछली बार की अपेक्षा काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। इन विधानसभा चुनावों में भाजपा ने किसी भी राज्य में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ा था। भाजपा की यह रणनीति पूरी तरह कामयाब होती दिखी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के आखिरी दौर में 40 के करीब चुनावी जनसभाओं को संबोधित किया था और कुछ रोड शो भी किए थे। मध्य प्रदेश में सबसे अधिक उन्होंने 14 चुनावी जनसभाओं को संबोधित किया था जबकि मिजोरम में वे किसी भी चुनावी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे। कांग्रेस शासित राजस्थान में प्रधानमंत्री ने कुल 12 जनसभाओं को संबोधित किया था और इस दौरान उन्होंने अपराध और भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को निशाना बनाया था। प्रधानमंत्री ने चुनावी सभाओं के अंतिम दौर में उदयपुर के कन्हैयालाल हत्याकांड और दिवंगत नेता राजेश पायलट के साथ कांग्रेस के तत्कालीन शीर्ष नेतृत्व द्वारा किए गए व्यवहार को जोर-जोर से उठाया था।
वैसे तो राजस्थान में हर 5 साल बाद सरकार बदल जाती है। इस बार अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस ने जहां इस रिवाज को बदलने के लिए पूरा दमखम लगा दिया था वहीं भाजपा ने मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ा और अगले साल लोकसभा चुनावों से पहले राज्य की सत्ता में वापसी करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। तेलंगाना में प्रधानमंत्री ने कुल आठ चुनावी जनसभाओं को संबोधित किया था और हैदराबाद में एक रोड शो भी किया था।
कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि यह चुनाव परिणाम देश भर में भाजपा कार्यकर्ताओं को आगामी लोकसभा चुनावों में बड़ी जीत हासिल करने के लिए उत्साहित करने का कार्य करेंगे जबकि कांग्रेस व अन्य दलों को लोक लुभावने वादों या रेवड़ियां बांट कर मतदाताओं को प्रभावित करने की अपेक्षा देश- प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित करेंगे।
