शहीद सुखदेव सिंह थापर की जयंती पर विधायक चैतन्य शर्मा और क्लब के सदस्यों ने किया नमन
दौलतपुर चौक ( संजीव डोगरा)
शहीद भगत सिंह क्लब गगरेट ने अंबोटा गांव में शहीद भगत सिंह स्मारक पर महान क्रांतिकारी शहीद सुखदेव सिंह थापर की जयंती पर फूल मालाएं अर्पित की ओर मिठाई बांटी। क्लब के प्रधान मनीष ठाकुर ने कहा कि हमें इनकी कुर्बानियों को हमेशा याद रखना चाहिए और इनकी वीर गाथाओं को पाठ्यक्रम में भी शामिल करना चाहिए। सुखदेव सिंह थापर का जन्म 15 मई 1907 को पंजाब के लुधियाना शहर में हुआ था। अपने बचपन से ही उन्होंने भारत में ब्रिटानिया हुकूमत के जुल्मों को देखा और इसी के चलते वह गुलामी की जंजीरों को तोड़ने के लिए क्रांतिकारी बन गए। बचपन से ही सुखदेव के मन में देश भक्ति की भावना कूट कूट कर भरी थी। 1928 की उस घटना के लिए सुखदेव सिंह का नाम प्रमुखता से जाना जाता है जब क्रन्तिकारियो ने लाला लाजपतराय की मौत का बदला लेने के लिए गोरी हकूमत के करिंदे पुलिस उपाधीक्षक जेपी सांडर्स को मौत के घाट उतार दिया था।जेपी सांडर्स की हत्या के मामले को “लाहौर षड्यंत्र” के रुप में जाना गया। ब्रिटानिया हुकूमत को अपनी क्रांतिकारी गतिविधियों से दहला देने वाले राजगुरु सुखदेव और भगतसिंह को फांसी की सजा सुनाई गई। 23 मार्च 1931 को तीनों क्रांतिकारी हंसते हंसते फांसी के फंदे पर झूल गए। विधायक चैतन्य शर्मा ने सुखदेव सिंह थापर की जयंती पर नमन किया और उनके द्वारा देश के लिए दिए अमूल्य बलिदान की सराहना की ओर आज के युवाओं को संदेश दिया कि नशे जैसी वुराइओं की छोड़ कर देश के विकास के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दे। इस अवसर पर सूबेदार सर्वजीत सिंह, राजिंदर बंसल, मंजीत सिंह, रंजीत राणा, विक्रम सिंह, आकाश कुमार, मीत सिंह, कुलविंदर सिंह, लखविंदर बंसल व क्लब के अन्य सदस्य मोजूद रहे।
