March 14, 2026

2 करोड़ तक के काम करवा सकते हैं विधायक, लेकिन बिना टेंडर नहीं

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्पष्ट कर दिया है कि गांवों के विकास के लिए स्टेट फाइनेंस कमीशन द्वारा जारी किए जाने वाले पैसे का इस्तेमाल केवल टेंडर से होने वाले विकास कार्यों में ही हो सकेगा। ऐसे में विकास कार्यों की लागत भले ही पांच लाख रुपये से कम ही क्यों ना हो। पंचायतों को पांच लाख रुपये तक के विकास कार्य कोटेशन पर करवाने के अधिकार दिए हैं, लेकिन ये कार्य भी पंचायत के पास उपलब्ध खुद के फंड से ही हो सकेंगे। पंचायतों को अपने कुल फंड का पचास प्रतिशत तक ऐसे विकास कार्यों में खर्च करने के अधिकार दिए हैं।

फिरोजपुर-झिरका से कांग्रेस विधायक मामन खान इंजीनियर ने यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि उनके हलके में दो करोड़ रुपये के कुल 31 विकास कार्यों की मंजूरी 7 जुलाई, 2023 को दी गई। सरकार की ओर से नूंह डीसी को पैसा भी जारी कर दिया गया। लेकिन अभी तक केवल एक ही काम पूरा हुआ है। इस पर विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने बताया कि 13 विकास कार्यों पर काम शुरू हो चुका है। 11 के टेंडर जारी हो चुके हैं और बाकी के छह के भी टेंडर हाल ही में जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री की ओर से विधायक आदर्श ग्राम योजना के तहत फंड की मंजूरी दी जाती है तो विधायकों के हिसाब से 25 लाख तक के कार्य करवाने की छूट दी जानी चाहिए। बबली ने कहा कि सरकार ने ई-टेंडर के जरिये ही विकास कार्य करवाने का निर्णय लिया है। यह फैसला इसलिए लिया है ताकि विकास कार्यों में पारदर्शिता बनी रही। फिरोजपुर-झिरका में काम शुरू होने में देरी इसलिए हुई क्याेंकि टेंडर कई बार जारी करने पड़े।जींद शहर में मां जयंती देवी मंदिर के साथ लगती बागवानी विभाग की जमीन पर सरकार ऑडिटोरियम का निर्माण करेगी। लेकिन इसके लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रस्ताव भेजना होगा। यहां से विधायक कृष्णलाल मिढ्‌ढा ने यह मुद्दा उठाया था। निकाय मंत्री कमल गुप्ता ने कहा कि जयंती मंदिर के सामने बागवानी विभाग की पांच एकड़ जमीन पर कम्युनिटी सेंटर और हर्बल पार्क विकसित करने की योजना है। अगर प्रस्ताव आएगा तो कम्युनिटी सेंटर की जगह आडिटोरियम का निर्माण होगा। बाद में सीएम ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि प्रस्ताव भेजें तो जयंती मंदिर के साथ की जमीन पर आडिटोरियम बनवाया जाएगा।इसराना विधायक बलबीर सिंह वाल्मीकि ने मतलौढा और इसराना में पीडब्लयूडी रेस्ट हाउस की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि रेस्ट हाउस नहीं होने की वजह से जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को बैठक लेने में दिक्कत आती है। लोगों की समस्याएं सुनने के लिए रेस्ट हाउस की जरूरत है। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा इसराना में सिंचाई विभाग का रेस्ट हाउस है और मतलौढा से पानीपत का रेस्ट हाउस महज 12 किमी दूर है। इसी दौरान दोनों के बीच रामनाम को लेकर भी विवाद हुआ। बलबीर सिंह ने कहा कि राममंदिर प्रस्ताव में रामायण लिखने वाले भगवान महर्षि वाल्मीकि का नाम तक नहीं था। दुष्यंत ने कहा केंद्र सरकार ने अयोध्या एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा है।

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