शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिए 7 अगस्त से चलेगा मिशन इंद्रधनुष : सलोनी शर्मा
जिलाभर में टीकाकरण से वंचित रहे जीरो से पांच वर्ष तक के बच्चों की सूची तैयार करें विभाग
झज्जर, एडीसी सलोनी शर्मा ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव में जीरो से पांच वर्ष के बच्चों को बीमारियों से बचाव के लिए केंद्र सरकार मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम शुरू कर रही है। झज्जर जिला में इसका शुभारंभ सात अगस्त से होगा और 12 अगस्त तक चलेगा। उन्होंने बताया कि सरकार का प्रयास है कि इस वर्ष के अंत तक मीजल्स रूबेला यानी खसरा की बीमारी मुक्त समाज का निर्माण।
एडीसी सलोनी शर्मा ने मिशन इंद्रधनुष को सफलतापूर्वक चलाने के लिए बुधवार को लघु सचिवालय सभागार में स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, जन स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायतीराज, यूनडीपी,जिला ईंट भट्ठा एसोसिएशन सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय और टीम वर्क की भावना से कार्य करने के निर्देश दिए।
एडीसी ने बताया कि जिले में 7 अगस्त से टीकाकरण के लिए मिशन इंद्रधनुष शुरू होने जा रहा है। इस अभियान के तहत टीकाकरण से वंचित रहे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को विशेष तौर पर लाभान्वित किया जाएगा। भारत सरकार एवं राज्य सरकार के निर्देशानुसार इसी माह के अंत तक टीकाकरण से वंचित रहे बच्चो ंकी सूची तैयार की जाएगी। इस उपरांत जिले में 7 अगस्त से 12 अगस्त तक पूरे जिले में नागरिकों की सुविधा के अनुसार टीकाकरण सेंटर बनाए जाएंगे। लक्ष्य साफ है शत-प्रतिशत टीकाकरण ।
एडीसी ने बताया कि 6 कार्य दिवस हैं , जिसमें पूरे जिले को कवर करना है। जिसमें नियमित टीकाकरण दिवस सम्मिलित होंगे। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत 5 वर्ष तक के लेफ्ट आउट और ड्रॉप आउट बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं जिनकी वैक्सीन की डोजेज छूट गई है को सम्मिलित किया जाऐगा। साथ ही यूपीआई के तहत अन्य टीकों के साथ मीजल्स एवं रूबेला वैक्सीन, पीसीवी एवं एफआईवीपी वैक्सीन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही इन चिन्हित लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन एवं टीकाकरण यू-विन के माध्यम से किया जाएगा।
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लिंगानुपात में सुधार सतत प्रक्रिया : बोली एडीसी
इस बैठक से पहले एडीसी सलोनी शर्मा ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट के साथ समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लिंगानुपात में सुधार सतत प्रक्रिया है और निरंतर पूरी समर्थता के साथ संबंधित विभागों को कार्य करना होगा। बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम सरकार का महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है और सामाजिक ताने- बाने को बनाए रखने के लिए भी लिंगानुपात में सुधार जरूरी है।
एडीसी ने आंगनबाड़ी केंद्रों व प्ले स्कूलों की रिपोर्ट पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी वर्कर्स, आशा वर्कर्स और एएनएम आपसी समन्वय से कार्य करेंगी तो परिणाम और बेहतर आएंगे।
बैठक में सीएमओ डॉ ब्रहमदीप, डीडीपीओ ललिता वर्मा, डीईओ राजेश कुमार,डॉ संजय एमएपओ डब्ल्यूएचओ, डीपीओ उर्मिल सिवाच,भट्ठा एसोसिएशन प्रधान सतपाल देशवाल, जनस्वास्थ्य विभाग से श्याम अहलावत, यूएनडीपी से फरजाना सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
