गगरेट विधानसभा क्षेत्र में खनन माफिया फिर सक्रिय
गगरेट, सुखविंदर / जिला ऊना प्रशासन ने खनन माफिया पर पूरी नकेल कसने का जोर लगा रखा है। परन्तु सरकार व पुलिस प्रशासन के तमाम प्रयासों के बावजूद खनन माफिया की हेकड़ी बरकरार है जिसे देखकर यही कहा जा सकता है पुलिस प्रशासन डाल डाल तो खनन माफिया पात पात है । क्योंकि यदि पुलिस सख्ती के लिए एक कदम उठाती है तो पुलिस से दो कदम आगे खनन माफिया के लोग सक्रिय हो जाते हैं। जिसके चलते जिले में खनन माफिया पूरी तरह से सक्रिय ही है। स्वां नदी में प्रतिदिन अवैध खनन जोरों शोरों से चला हुआ है। खनन माफिया के लोग ट्रैक्टरों में मजदूरों से रेत बजरी भरवाकर नदी के बाहर सुरक्षित जगहों पर डंप लगाकर रख रहे हैं। जैसे ही रात होती है तो माफिया अपनी कार्रवाई में जुट जाता है। इसका मुख्य कारण यह है कि खनन माफिया को क्षेत्र की पूरी भौगोलिक स्थिति का ज्ञान है। वैकल्पिक रास्तों से अवैध खनन जारी है। कुछ दिन पूर्व दौलतपुर में 17 अवैध टिप्परों को पकड़कर भारी मात्रा में जुर्माना वसूला गया। उसके कुछ समय बाद खनन माफिया द्वारा खड्डों का चीरहरण करने के लिए पूर्ण रूप से सक्रिय हो गया। खनन माफिया द्वारा ट्रैक्टर ट्रॉली में रेत भरकर लोगों से मनमाने दाम वसूल किए जा रहे हैं। खनन माफिया सरकार द्वारा लाखों रुपए खर्च कर लगाए गए तीसरी आंखों में भी धूल झोंकते नजर आए। घनारी स्वां नदी, डंगोह लो लंगर खड्ड, नकड़ोह खड्ड, मरवाड़ी खड्ड में भी खनन माफिया इन खड्डों का दिन में भी ट्रैक्टर ट्रालियों द्वारा चीर हरण करते नजर आए। इस मौके बारे बात करते हुए पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष सतीश शर्मा ने बताया कि इन खनन माफिया, भू माफिया, वन माफिया को प्रशासन और राजनेताओं का पूरा संरक्षण प्राप्त होता है। प्रशासन भी इन माफियाओं पर नाममात्र कार्रवाई करता है और उसके बाद यह खनन माफिया फिर से सक्रिय हो जाता है। इस बारे गगरेट के एस डी एम शशिपाल शर्मा ने बताया कि आपके माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि इन खनन माफियाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
