डल्लेवाल को बिना अनशन तोड़े देंगे मेडिकल सहायता
सुप्रीम कोर्ट में पंजाब सरकार ने सुनवाई के दौरान दिया आश्वासन
चंडीगढ़: सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर केंद्र सरकार से किसानों की बुधवार को बातचीत फिर से शुरू होने की आस में बैठी पंजाब सरकार को बड़ा झटका लगा है।
आज सुप्रीम कोर्ट में पंजाब सरकार ने सुनवाई के दौरान आश्वासन दिया कि डल्लेवाल को अपना अनशन तोड़े बिना मेडिकल हेल्प लेने के लिए मनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
हालांकि एक पत्रकार वार्ता में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आंदोलनरत किसानों से बातचीत करने के सवाल पर कहा कि देश के किसान संगठनों से हमारी बात होती रहती है। मौजूदा आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट जो निर्देश देगा, हम पालन करेंगे।
अश्विनी वैष्णव के बयान से पंजाब सरकार सकते में है। सरकार को उम्मीद थी कि केंद्र किसानों से बातचीत शुरू करने संबंधी बयान देगा, जिससे आमरण अनशन पर बैठे जगजीत सिंह डल्लेवाल चिकित्सा सुविधा लेने के लिए तैयार हो जाएंगे।
सूत्रों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की अवमानना से बचने के लिए अब पंजाब सरकार डल्लेवाल को जबरन अस्पताल में भर्ती करवा सकती है। वहीं, पूर्व एडीजीपी जसकरण सिंह व डीआईजी मनदीप सिंह सिद्धू ने खनौरी में किसान मोर्चा के साथ बैठक कर डल्लेवाल को चिकित्सा सुविधा लेने के लिए राजी करने की अपील की, पर बैठक बेनतीजा रही।
पंजाब सरकार ने 31 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर डल्लेवाल को चिकित्सा सुविधा देने को राजी करने के लिए तीन दिन और मांगे थे। पंजाब ने कहा था कि हमारी केंद्र से बातचीत चल रही है। तीन दिन की मोहलत का आज आखिरी दिन था। आज सुप्रीम कोर्ट में पंजाब सरकार ने सुनवाई के दौरान जो आश्वासन दिया है उससे लगता है कि पंजाब सरकार डल्लेवाल को अपना अनशन तोड़ने शीघ्र कोई योजना तैयार करेगी।
