महिंद्रा एंड महिंद्रा ने कनाडा बेस्ड कंपनी से अपनी साझेदारी खत्म करने का फैसला किया
नई दिल्ली: बीते कुछ दिनों से कनाडा और भारत के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। दोनों देशों के बीच बढ़ती टेंशन का असर कारोबार पर दिखने लगा है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच कारोबारी आनंद महिंद्रा ने भी एक बड़ा फैसला लिया है। आनंद महिंद्रा की कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा ने कनाडा बेस्ड कंपनी रेसन एयरोस्पेस कॉरपोरेशन से अपनी साझेदारी खत्म करने का फैसला किया है। कनाडा की इस कंपनी में महिंद्रा एंड महिंद्रा की 11.18 फीसदी हिस्सेदारी है। दरअसल महिंद्रा एंड महिंद्रा की सब्सिडियरी कंपनी रेसन एयरोस्पेस कॉरपोरेशन ने कनाडा में अपना संचालन बंद करने का ऐलान किया है। महिंद्रा का ये फैसला उस वक्त आया है जब कनाडा और भारत के बीच तनाव चरम पर है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक लड़ाई जारी है। ऐसे में लोग महिंद्रा के फैसले को इससे जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि कंपनी ने ये फैसला वोंल्ट्री बेसिस पर लिया है। कंपनी के बंद होने से कनाडा की अर्थव्यवस्था को झटका लगेगा।
महिंद्रा ने इसकी जानकारी सेबी को दी। महिंद्रा ने बताया कि उसे रेसन से कंपनी बंद होने की सूचना मिली है। रेसन के बंद होने पर महिंद्रा को 2.8 मिलियन कनाडाई डॉलर यानी करीव 28.7 करोड़ रुपए मिलेंगे। आपको बता दें कि रेसन एयरोस्पेस के बंद होने से महिंद्रा के कारोबार पर बहुत असर नहीं पड़ेगा। लेकिन ये खबर ऐसे वक्त में आई है जब भारत और कनाडा के बीच तनाव चल रहा है। ऐसे में लोग इस फैसले को इससे जोड़कर देख रहे हैं। कंपनी ने कहा है कि 20 सितंबर से रेसन एयरोस्पेस कॉरपोरेशन ,कनाडा में अपना कारोबार बंद कर रही है। इसकी मंजूरी के लिए सभी जरूरी दस्तावेज मिल गए हैं। कंपनी को इसकी सूचना दे दी गई है। जिसमें महिंद्रा एंड महिंद्रा ने कहा कि उसकी कनाडा बेस्ड कंपनी रेसन एयरोस्पेस कॉरपोरेशन के वहां अपना ऑपरेशन बंद कर दिया है। कंपनी ने स्वैच्छिक रूप से ऑपरेशन बंद करने का फैसला किया है। आपको बता दें कि रेसन एग्रीकल्चर से जुड़े टेक सॉल्यूशन बनाने वाली कंपनी है। महिंद्रा एंड महिंद्रा भी खेती से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाती है। हालांकि महिंद्रा एंड महिंद्रा के इस फैसले का असर उनके शेयरों पर देखने को मिला है।दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बाद कारोबार पर असर होने लगा है। आपको बता दें कि दोनों देशों के बीच साल 2023 में 8 बिलियन डॉलर का कारोबार हुआ है। भारत की तीस से अधिक कंपनियों ने कनाडा में निवेश किया है। वहीं कनाडा की कनाडा पेंशन फंड का भारत की 70 कंपनियों में निवेश है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का असर कारोबार पर पड़ा तो इसका असर इकॉनमी पर भी पड़ेगा।
