February 15, 2026

22जनवरी को आपेक्षित गतिविधियों व कार्यक्रमों के बारे में जागरूक किया

संदीप गिल, नंगल, अयोध्या में नूतन मंदिर में श्री राम लला प्राण प्रतिष्ठा निमित्त तथा प्रभु श्री राम मंदिर के उद्घाटन के सुअवसर को पूरे भारत वर्ष में हर्षोल्लास के साथ मनाने के पर्व में समाज का कोई भी वर्ग छूट न जाए, इस कढ़ी में ग्रह संपर्क अभियान के रोपड़ जिला सह-संयोजक इं. के के सूद व नया नंगल की वरिष्ट नागरिक टोली की संपर्क अभियान समिति के पालक राम जी दास ने शहर को स्वच्छ बनाये रखने में निरंतर कार्य में जुटे रहने वाले एवं घर-घर से गीला कूड़ा-सूखा कूड़ा इकट्ठा करके उसे विधिवत निष्कासित करने वाले सहयोगी भाई-बन्धुओं एवं मातृ-शक्ति को नया नंगल में अयोध्या से आए ‘पुलिस अक्षत’, नूतन श्रीराम मंदिर का चित्र एवं एक निमंत्रण-निवेदन पत्र देकर 22 जनवरी 2024 वाले शुभ दिन 11.00 बजे पूर्वाहन से 01.00 बजे अपरान्ह तक सामूहिक तौर पर किए जाने वाले आपेक्षित गतिविधियों व कार्यक्रमों के बारे में जागरूक किया। जैसे कि अपने ग्राम, नगर, मोहल्ला, कॉलोनी में स्थित किसी मंदिर में सभी रामभक्त को एकत्र होकर भजन कीर्तन करना है, बड़े पर्दे पर अयोध्या का प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव साथ में देखें, शंखध्वनि, घंटानाद, प्रसाद वितरण करें, सभी मंदिरों में स्थित देवी देवता का भजन-कीर्तन-आरती-पूजा करना, “श्री राम जय राम जय जय राम” विजय महामंत्र का 108 बार सामूहिक जाप करना, हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, रामरक्षा स्तोत्र आदि का सामूहिक पाठ कर सकते हैं। मंदिरों को अच्छे से सजाया जा सकता है। अपने अपने घर को अच्छे से सजा सकते है , जैसे तोरण, रंगोली, झालर इत्यादि सजावट कर सकते हैं, अपने क्षेत्र के सभी हिन्दू घरों में भगवा पताका लगा सकते हैं, संभव हो तो उस दिन प्राण प्रतिष्ठा तक उपवास रखें, यदि संभव हो तो भंडारे का आयोजन भी कर सकते हैं। सूर्यास्त के बाद अपने घर के सामने देवताओं की प्रसन्नता के लिये दीपक जलायें, दीपमालिका सजायें, दीपोत्सव मनायें। इसके अलावा पूर्व तैयारी में अपने अपने क्षेत्र में प्रतिदिन प्रभात फेरी करके समाज में वातावरण बना सकते हैं, प्रत्येक मंदिर समिति, पुजारी के साथ बैठकर 23 जनवरी 2024 की तैयारी में अधिक से अधिक समाज जन की सहभागिता सुनिश्चित कर सकते हैं। कार्यक्रम में सभी जाति, मत, पंथ से लोग जुड़े। कार्यक्रम में माता-बहिन, बालक-युवा, किसान-कर्मचारी, व्यापारी, अबाल-वृद्ध सभी को जोड़ना है। यह कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक समरसता स्थापित हो यह अपेक्षित है।

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