जिला जेल में आयोजित की गई लोक अदालत
यमुनानगर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्रीमती गुनीत अरोड़ा ने बताया कि उनकी अध्यक्षता में जिला जेल यमुनानगर में लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस लोक अदालत में कैदियों और बंदियों के मामलों की सुनवाई की गई । लोक अदालत में 18 केस रखे गए जिनमे से 10 केस को अंडरगोन किया गया।
उन्होने बताया कि आपसी सहमति से हल हो सकने वाले मामलों में लोक अदालत बहुत ही कारगर सिद्ध हो रही हैं और लोक अदालत में सुनाए गए फैसले की भी उतनी ही अहमियत है जितनी सामान्य अदालत में सुनाए गए फैसले की होती है। उन्होंने यह भी बताया कि लोक अदालत में सुनाए गए फैसले के खिलाफ अपील दायर नहीं की जा सकती। लोक अदालत में सस्ता और सुलभ न्याय मिलता है। इन लोक अदालतों के माध्यम से लोगों का बिना समय व पैसा गवाएं केसों का समाधान किया जाता है। लोक अदालतों में ना तो किसी पक्ष की हार होती है और न ही जीत बल्कि दोनों पक्षों की आपसी सहमति से विवादों का समाधान करवाया जाता है।
