February 17, 2026

स्वर्गीय राजीव गांधी अपने आप में एक संस्था थे, उनकी चलाई गई योजनाओं से जनता को मिल रहा है लाभ: देवेंद्र भुट्टो

पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती पर बंगाणा में आयोजित कार्यक्रम में विधायक भुट्टो ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए

अजय कुमार, बंगाणा, उपमंडल बंगाणा में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती पर रेस्ट हाउस में कुटलैहड़ कांग्रेस कमेटी की तरफ से विशेष श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया जिसमें कुटलैहड़ के विधायक देवेंद्र कुमार भुट्टो ने शिरकत कर उन्हें श्रद्धांजलि भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्वर्गीय राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 में हुआ था। उस समय उनकी उम्र 3 साल की थी जब देश आजाद हुआ था। उनका बचपन तीन मूर्ति भवन में बीता। बतौर प्रधानमंत्री राजीव गांधी नेहरू गांधी परिवार के आखिरी सदस्य थे। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी का परिवार भले ही राजनीति में पूरी तरह से सक्रिय है था, उनके नाना जवाहरलाल नेहरू के बाद उनकी माता इंदिरा गांधी भी देश की प्रधानमंत्री रही व कांग्रेस की भी कमान संभाली। लेकिन राजीव गांधी को अपने नाना व मां की तरह राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं थी। राजनीति में आने से पहले राजीव गांधी एक पेशेवर पायलट थे। राजीव गांधी ने इंजीनियरिंग करने के लिए कॉलेज में दाखिला लिया लेकिन उन्हें किताबी ज्ञान तक सीमित रहना रास नहीं आया। पहले लंदन और फिर कैंब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज से 3 साल शिक्षा लेने के बाद भी राजीव गांधी को डिग्री नहीं मिल सकी थी। फिर राजीव गांधी ने लंदन के ही इंपीरियल कॉलेज में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में दाखिला ले लिया लेकिन यहां भी उनका मन नहीं लगा और बाद में राजीव गांधी ने भारत लौटकर दिल्ली के फ्लाइंग क्लब में पायलट की ट्रेनिंग ली। 1970 में राजीव गांधी ने अपने करियर की शुरुआत की। कम ही लोग जानते हैं कि राजीव गांधी को विमान उड़ाने के साथ ही फोटोग्राफी का भी बहुत शौक था। उनकी तस्वीरों को छापने के लिए कई पब्लिशर्स ने मशक्कत की लेकिन राजीव गांधी ने कभी अनुमति नहीं दी। भुट्टो ने बताया कि राजीव गांधी के निधन के बाद उनकी पत्नी सोनिया गांधी ने उनके द्वारा खींची गई तस्वीरों के संग्रह को किताब का रूप दिया ताकि दुनिया को उनकी इस काबिलियत से भी परिचित करवाया जा सके। उनकी किताब का नाम ‘राजीव्ज वर्ल्ड – फोटोग्राफ्स बाय राजीव गांधी’ है। राजीव गांधी की छवि हमेशा से ही साफ सुथरी और बेदाग थी। देवेंद्र भुट्टो ने बताया कि जब उन्होंने 1980 में राजनीति में कदम रखा तो उन्हें मिस्टर क्लीन के नाम से जाना जाता था। विदेश में पढ़ाई करने वाला एक नौजवान महज 40 साल की उम्र में राष्ट्रीय राजनीति की ऊंचाइयों तक पहुंच गया। चुनावी रैलियों में अक्सर राजीव गांधी खुद अपनी कार चला कर जाते थे। उनके सुरक्षा गार्ड पीछे रहते थे। भुट्टो ने बताया कि स्वच्छ छवि के रूप में पहचान बनाने वाले स्वर्गीय राजीव गांधी को आज पूरा देश याद करता है। इस मौके पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राम आसरा शर्मा, महासचिव प्रवीण पादा, पिंटू लाला, संजीव शर्मा, पूर्व प्रधान धुंधला रणबीर राणा, विपुल शर्मा विक्की, संजीव कुमार उर्फ राणा, अभिनव देओल व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कार्यकारिणी के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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