किसान जनहित को ध्यान में रखते हुए पराली जलाने से बचें
सचिन सोनी, श्री आनंदपुर साहिब 18 अक्टूबर
कृषि विभाग ने किसान भाइयों से अपील करते हुए कहा है कि राज्य में पराली के धुएं से होने वाली खतरनाक बीमारियों जैसे अस्थमा, आंखों में जलन और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए किसानों को जनहित को ध्यान में रखना चाहिए और पराली में आग नहीं लगानी चाहिए। पर्यावरण प्रदूषण का मुख्य कारण धान के मौसम के दौरान किसानों द्वारा तेजी से पराली जलाना है, जिसके कारण पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषण, मिट्टी की उर्वरता में कमी, पशुधन की हानि और धुएं के कारण सड़क क्षति होती है।
यह जानकारी कृषि विकास अधिकारी अमरजीत सिंह ने कोटला व जिंदवडी में आयोजित किसान जागरूकता शिविर के दौरान दी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के कृषि विभाग और पर्यावरण विभाग की ओर से कई पहल की जा रही हैं ताकि धान के सीजन के दौरान पराली न जलाई जा सके। उन्होंने किसानों को धान की पराली को खेत में मिलाने के फायदों के बारे में बताया और कहा कि धान की पराली को खेत में मिलाने से कृषि की उर्वरा शक्ति बढ़ती है साथ ही कृषि में कार्बनिक पदार्थ की मात्रा भी बढ़ती है जो कि मुख्य तत्व है।
जिला उपायुक्त डॉ. प्रीति यादव ने विभिन्न विभागों को जिले में चलाए जा रहे किसान जागरूकता अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेकर किसानों को प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं।
