पावन स्वरूपों के मामले में एसजीपीसी पुलिस का करे सहयोग: जत्थेदार गड़गज
चंडीगढ़ , श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने स्पष्ट किया है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी सिखों के जगत ज्योत गुरु हैं और दुनिया भर में बसे सिख व गुरु नानक नाम लेवा श्रद्धा और सम्मान के साथ गुरु साहिब से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि 328 पावन स्वरूपों से जुड़े मामले की जांच के लिए श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा ईश्वर सिंह आधारित जांच आयोग का गठन किया गया था, जिसकी रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
जत्थेदार गड़गज के अनुसार, जांच रिपोर्ट में साफ तौर पर उल्लेख है कि संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत से पावन स्वरूप संगतों को दिए गए, लेकिन उनसे संबंधित भेंट और राशि को ट्रस्ट फंड में जमा नहीं कराया गया और न ही किसी प्रकार के बिल बनाए गए। यह पूरा मामला कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों द्वारा धन के दुरुपयोग से जुड़ा हुआ है। रिपोर्ट में 16 दोषियों के नाम स्पष्ट किए गए हैं, जिन्हें श्री अकाल तख्त साहिब ने भी दोषी माना है। तख्त के आदेशों के अनुसार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी इन सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई पहले ही कर चुकी है।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 17 नवंबर 2020 को तत्कालीन जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने सार्वजनिक रूप से इस मामले को प्रशासनिक भ्रष्टाचार बताते हुए कहा था कि दोषी कर्मचारियों को एसजीपीसी द्वारा सेवा से हटा दिया गया है। जत्थेदार गड़गज ने कहा कि खालसा पंथ ने कभी भी एसजीपीसी के अधिकार क्षेत्र में सरकारी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया है और न ही भविष्य में करेगा, क्योंकि यह सिखों की चुनी हुई केंद्रीय संस्था है। हालांकि, मौजूदा मामले को लेकर संगत में फैल रही भ्रांतियों को देखते हुए पंथ के व्यापक हित में एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह को यह अधिकार दिया गया है कि वे केवल 328 पावन स्वरूपों के मामले में सरकार के साथ आवश्यक सहयोग करें। यदि जांच के दौरान किसी जानकारी की आवश्यकता होगी, तो वह एसजीपीसी के चंडीगढ़ स्थित उपकार्यालय में अध्यक्ष की मौजूदगी में उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने जांच आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को इस संवेदनशील मामले से राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने वालों को श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति जवाबदेह माना जाएगा और पंथ-विरोधी करार दिया जाएगा। इस संबंध में पहले ही सख्त आदेश जारी किए जा चुके हैं कि कोई भी राजनीतिक दल, संस्था या व्यक्ति इस मुद्दे पर राजनीति न करे, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही जत्थेदार गड़गज ने मीडिया, सोशल मीडिया और वेब चैनलों पर चल रही चर्चाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुछ मंचों पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के संदर्भ में बेहद आपत्तिजनक और असंवेदनशील शब्दावली का प्रयोग किया जा रहा है, जो सिख संगत और श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।
