January 25, 2026

इसरो की साल की पहली लॉन्चिंग रही असफल

14 सैटेलाइट ले जा रहा पीएसएलवी-सी62 रॉकेट तीसरी स्टेज में रास्ते से भटका

श्रीहरिकोटा, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो ने आज सोमवार 12 जनवरी को अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक और बड़ी छलांग लगा दी है। इसरो ने देश के सैटेलाइट ईओएस-एन1 अन्वेषा को पीएसएलवी-सी62 मिशन के तहत अंतरिक्ष में भेजा। इस सैटेलाइट की मदद से सीमा निगरानी, छिपे लक्ष्यों की पहचान और पर्यावरण मॉनिटरिंग में क्रांति आने की संभावना थी। जानकारी के मुताबिक, इसरो का साल 2026 का पहला सेटेलाईट लॉन्च सुबह करीब 10 बजकर 17 मिनट पर श्री हरिकोटा स्पेस पोर्ट से हुआ। हालांकि, ये मिशन थर्ड फेज के आखिरी चरण में आई तकनीकी खामी के कारण असफल रहा।

इसरो ने अपने 2026 के प्रक्षेपण कैलेंडर की शुरुआत सोमवार को पीएसएलवी-सी62 मिशन के साथ की। इस मिशन के तहत पृथ्वी अवलोकन उपग्रह ईओएस-एन1 और 14 अन्य पेलोड को अंतरिक्ष में स्थापित किया जाना था। इसरो की वाणिज्यिक शाखा न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) के इस मिशन में शामिल 14 अन्य सह-यात्री उपग्रह देशी और विदेशी ग्राहकों के हैं वे सुबह 10 बजकर 17 मिनट पर श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के प्रथम प्रक्षेपण स्थल से लॉन्च किए गए थे।

मुख्य पेलोड डीआरडीओ का ईओएस-एन1 (अन्वेषा) हाइपरस्पेक्ट्रल अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट है, जो सीमा निगरानी, छिपे लक्ष्यों की पहचान और पर्यावरण मॉनिटरिंग में क्रांति लाएगा। यह 2025 की असफलता के बाद पीएसएलवी का महत्वपूर्ण कमबैक था। इसरो ईओएस-एन1 के अलावा आज 14 दूसरे पेलोड को भी अंतरिक्ष में स्थापित करने वाला था।

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