ईरानी डेलिगेशन 70 लोगों के साथ पाकिस्तान पहुंचा, कहा- शर्तें मानने पर ही होगी आगे की बातचीत
इस्लामाबाद, अमेरिका के साथ संभावित शांति वार्ता से पहले ईरान का एक बड़ा और प्रभावशाली प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंच गया है। करीब 70 सदस्यों का यह दल संसद अध्यक्ष मुहम्मद बघेर ग़ालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास आरागची के नेतृत्व में इस्लामाबाद पहुंचा।
इस प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ राजनीतिक, सैन्य और आर्थिक अधिकारी शामिल हैं, जिनमें विदेश मंत्री, रक्षा परिषद के सचिव, केंद्रीय बैंक के गवर्नर और संसद के कई सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और तकनीकी मामलों के विशेषज्ञ भी दल का हिस्सा हैं।
इसे अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल माना जा रहा है। हालांकि, ईरान ने स्पष्ट किया है कि बातचीत तभी आगे बढ़ेगी जब वॉशिंगटन उसकी पूर्व शर्तों को स्वीकार करेगा। इन शर्तों में क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक प्रतिबंधों से जुड़े मुद्दे प्रमुख हैं, जिससे संकेत मिलता है कि वार्ता में शामिल होने के बावजूद तेहरान का रुख सख्त बना हुआ है। अस्थाई युद्धविराम और दोनों देशों के बीच अविश्वास के माहौल के बीच पाकिस्तान इस उच्च-स्तरीय बैठक की मेजबानी कर रहा है।
इस बीच, लेबनान और इजरायल ने भी सहमति जताई है कि वे मंगलवार को पहली बैठक करेंगे, जिसमें युद्धविराम की घोषणा और औपचारिक वार्ता पर चर्चा की जाएगी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने कहा कि अमेरिका-ईरान वार्ता की मेजबानी करना न केवल पाकिस्तान बल्कि पूरे मुस्लिम विश्व के लिए गर्व की बात है। उन्होंने दोनों देशों के नेतृत्व का धन्यवाद भी किया कि उन्होंने पाकिस्तान के अनुरोध पर युद्धविराम और शांति वार्ता के लिए सहमति जताई।
शांति वार्ता से पहले शहबाज शरीफ ने देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की घोषणा की है। डीजल की कीमत 520 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 385 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि पेट्रोल की कीमत में भी 12 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई है।
