April 12, 2026

ईरान- हम अमेरिका के वादा तोड़ने की आदत को नहीं भूले

शांति वार्ता के बीच अपनाया कड़ा रुख

तेहरान, ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही बातचीत के बीच कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकई ने कहा कि देश अमेरिका के पिछले वादे तोड़ने को “न भूला है और न भूलेगा”। इससे इस्लामाबाद में बातचीत जारी रहने के बावजूद गहरे अविश्वास का पता चलता है। उन्होंने कहा कि किसी ने भी एक राउंड की बातचीत में नतीजे की उम्मीद नहीं की थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक डिटेल्ड पोस्ट में इस्माइल बाकई ने कहा, “हमारे लिए डिप्लोमेसी ईरानी जमीन के रक्षकों के पवित्र जिहाद को जारी रखना है। हम अमेरिका के वादे तोड़ने और गलत कामों के अनुभवों को नहीं भूले हैं और न ही भूलेंगे। ठीक वैसे ही जैसे हम दूसरे और तीसरे थोपे गए युद्धों के दौरान उनके और यहूदी शासन द्वारा किए गए जघन्य अपराधों को माफ नहीं करेंगे।” हालांकि, ईरान बातचीत की शुरुआत से पहले भी दोहराता रहा है कि अमेरिका के साथ विश्वास की कमी है। उन्होंने बातचीत को तेज और लंबी करार देते हुए कहा- आज इस्लामाबाद में ईरान के डेलिगेशन के लिए एक व्यस्त और लंबा दिन था। शनिवार सुबह से पाकिस्तान की अच्छी कोशिशों और बीच बचाव से शुरू हुई गहरी बातचीत अब तक बिना किसी रुकावट के जारी है और दोनों पक्षों के बीच कई मैसेज व टेक्स्ट एक्सचेंज हुए।
ईरानी डेलिगेशन के पक्के इरादे पर जोर देते हुए, बाकई ने कहा- ईरानी बातचीत करने वाले ईरान के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए अपनी पूरी काबिलियत, अनुभव और जानकारी का इस्तेमाल कर रहे हैं। हमारे बड़े-बुजुर्गों, प्रियजनों और साथी देशवासियों के भारी नुकसान ने ईरानी देश के हितों और अधिकारों को आगे बढ़ाने के हमारे इरादे को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत कर दिया है।
ईरान के बड़े रुख को दोहराते हुए उन्होंने कहा- कोई भी चीज हमें अपने प्यारे देश और महान ईरानी सभ्यता के लिए अपने महान ऐतिहासिक मिशन को आगे बढ़ाने से नहीं रोक सकती या रोकनी नहीं चाहिए। ईरान अपने देश के हितों को सुरक्षित करने और देश की भलाई की रक्षा के लिए डिप्लोमेसी समेत सभी तरीकों का इस्तेमाल करने का पक्का इरादा रखता है।
बाकई के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में हुई बातचीत में होर्मुज स्ट्रेट, न्यूक्लियर प्रोग्राम, युद्ध में हर्जाना, पाबंदियों में राहत और चल रहे क्षेत्रीय झगड़ों को खत्म करने जैसे खास मुद्दों पर बात हुई। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस डिप्लोमैटिक प्रक्रिया की सफलता दूसरी तरफ की गंभीरता और अच्छे विश्वास, बहुत ज्यादा मांगों और गैर-कानूनी अपील से बचने और ईरान के कानूनी अधिकारों और हितों को मानने पर निर्भर करती है।
बातचीत के नए दौर के खत्म होने पर, पाकिस्तान के प्रस्ताव पर ईरान और अमेरिका के बीच एक और राउंड की बातचीत होगी, जिसके लिए समय और स्थान को लेकर अब तक कुछ तय नहीं हुआ है। शनिवार को लोकल टाइम के हिसाब से दोपहर 1 बजे शुरू हुई बातचीत 14 घंटे से ज्यादा चली और इसमें लगातार मैसेज और ड्राफ्ट टेक्स्ट का लेनदेन हुआ।
ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक यह बातचीत लगातार मतभेदों के बीच हुई है। हालांकि कुछ शुरुआती प्रोग्रेस हुई है लेकिन गंभीर मतभेद बने हुए हैं, जिसका मुख्य कारण ईरान का कहना है कि अमेरिका की तरफ से बेतुकी और बहुत ज्यादा शर्ते हैं।

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