ईरान ने बीच युद्ध में खोला होर्मुज का रास्ता, भारत के लिए 2 जहाज निकले
जल्द खत्म होगा गैस संकट
नई दिल्ली, भारत में पिछले कुछ दिनों से गहराते रसोई गैस और कमर्शियल सिलेंडरों के भयंकर संकट के बीच एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के बीच हुई एक अहम बातचीत के बाद, ईरान ने दो भारतीय ध्वज वाले एलपीजी जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित गुजरने की हरी झंडी दे दी है। यह कदम भारत के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है, क्योंकि गैस की भारी किल्लत के चलते देश भर में रेस्टोरेंट और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पूरी तरह से ठप होने की कगार पर पहुंच गया था।
ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध शुरू होने के बाद दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच यह पहली सीधी बातचीत थी, जिसने तुरंत अपना असर दिखा दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने खुद सोशल मीडिया पर इस बड़ी कूटनीतिक चर्चा की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि ईरानी राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियान के साथ उनकी लंबी बातचीत में क्षेत्र की तनावपूर्ण स्थिति पर गहन चर्चा हुई। पीएम मोदी ने युद्ध में आम नागरिकों की जान जाने और बुनियादी ढांचे को हो रहे भारी नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा व सामान के निर्बाध आवागमन की आवश्यकता भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही उन्होंने शांति और कूटनीति के रास्ते पर लौटने का भी पुरजोर आग्रह किया।
प्रधानमंत्री के अलावा भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी अपने ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची के साथ इस संवेदनशील मुद्दे पर गंभीर चर्चा की थी। इस कूटनीतिक संवाद और पुरानी दोस्ती का ही नतीजा था कि कुछ ही घंटों बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे भारतीय जहाजों की आवाजाही को मंजूरी मिल गई। भारत में ईरानी राजदूत मोहम्मद फताली ने इस निर्णय को दोनों देशों की प्रगाढ़ और ऐतिहासिक दोस्ती का सबसे बड़ा प्रमाण बताया है। उन्होंने कहा कि ईरान और भारत सच्चे मित्र हैं और दोनों का भाग्य एक समान है। राजदूत ने यह भी संकेत दिया कि भारत के करीब दो दर्जन अन्य जहाजों को भी सुरक्षित मार्ग देने पर लगातार सकारात्मक चर्चा चल रही है।
गौरतलब है कि इस वैश्विक संकट के कारण भारत में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई 80 प्रतिशत तक गिर गई थी और कीमतें 2,300 रुपये के आंकड़े को भी पार कर गई थीं। अब इन जहाजों के भारत पहुंचने से देश में गैस की सप्लाई चेन सुधरेगी और बफर स्टॉक बढ़ेगा, जिससे कीमतों में भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही अर्थव्यवस्था के लिए एक और राहत की खबर यह है कि सऊदी अरब से भारी मात्रा में कच्चा तेल लेकर आ रहा एक टैंकर भी सफलतापूर्वक होर्मुज को पार कर चुका है और आज शनिवार को भारत पहुंचने वाला है। वर्तमान में जो 24 भारतीय जहाज होर्मुज के पश्चिम में फंसे हुए हैं, उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए भारत सरकार लगातार ईरान के संपर्क में बनी हुई है।
