रूस और यूक्रेन दोनों से भारत कर रहा है वार्ता, विदेश सचिव बोले- प्रस्ताव को लार्ज लेबल पर रखा जाएगा
नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच 900 से भी अधिक दिनों से जंग जारी है। भारत रूस और यूक्रेन के बीच शांति स्थापित करने में जुटा है और हर पक्ष से बातचीत कर रहा है। 23 अगस्त को ही यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा था कि इस जंग को केवल भारत ही रुकवा सकता है। क्योंकि पुतिन पर भारत का काफी प्रभाव है। इस बयान के करीब 15 दिनों के भीतर पुतिन ने भारत को लेकर बड़ा बयान दे दिया था। जिससे रूस और यूक्रेन के बीच शांति की कोशिशें शुरू हो सकती हैं। रूस के राष्ट्रपति ने कहा कि वो जंग के बीच यूक्रेन से बातचीत को तैयार हैं। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री ने रूस और यूक्रेन का दौरा किया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति बाइडेन और राष्ट्रपति पुतिन से बात की और जब हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी रूस गए, तो उन्होंने भी राष्ट्रपति पुतिन से बात की। तो, मैं बस इतना ही कहूंगा कि इन नेताओं के बीच ये बातचीत चल रही है, हमें देखना होगा कि कितनी सहमति बनती है और फिर क्या हम उस स्तर तक पहुंच पाते हैं जहां एक प्रस्ताव को बड़े स्तर पर रखा जा सके। यह पूछे जाने पर कि क्या पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन की द्विपक्षीय बैठक के दौरान खालिस्तान मुद्दे पर चर्चा होगी, विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि जैसा कि हमने पहले भी कहा है, भारत और अमेरिका के बीच जो भी मुद्दे आपसी चिंता के हैं, हम उन सभी पर चर्चा करते हैं। कोई खास मुद्दा उठाया जाएगा या नहीं, यह मैं इस समय नहीं कह सकता, लेकिन मैं यह जरूर कह सकता हूं कि हम सभी मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
