पंजाब की राजनीति में भाजपा सभी 13 लोकसभा सीटों को लेकर आक्रामक मोड पर
जालंधर : पंजाब की सियासत में इस हफ्ते भाजपा ने अब तक जो धमाके किए हैं उनसे एक बात तो स्पष्ट है कि पंजाब की 13 लोकसभा सीटों को लेकर भाजपा पूरी तरह से आक्रामक मोड में है। मंगलवार सुबह पहले तो पंजाब भाजपा प्रधान सुनील जाखड़ ने यह ऐलान किया कि भाजपा शिअद के साथ गठबंधन नहीं कर रही है और उसी दिन शाम को कांग्रेस सांसद रवनीत बिट्टू भाजपा में शामिल हो गए। इसके अगले ही दिन बुधवार को आम आदमी पार्टी के लोकसभा में इकलौते सांसद सुशील रिंकू ने भी कमल को थाम लिया और उनके साथ वेस्ट हलके के आप विधायक शीतल अंगुराल ने पार्टी को बॉय बॉय बोलकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। सियासी विश्लेषकों की मानें तो पंजाब में भाजपा प्लान ए और प्लान बी को साथ लेकर चल रही है। प्लान ए के तहत शिअद से गठबंधन करके सीट शेयरिंग का फार्मूला तय होना था और जैसे ही सीट शेयरिंग और गठबंधन पर सहमति नहीं बनी तो भाजपा ने तुरंत क्विक मोड में आते ही प्लान बी के तहत काम शुरू कर दिया। प्लान बी में दूसरे दलों की विकेट गिराकर उन्हें अपने पाले में शामिल करना सबसे प्रुमख कार्य है। दो दिन में भाजपा ने कांग्रेस और आप के तीन विकेट गिरा दिए हैं और बहुत जल्द कांग्रेस और शिअद के कई दिग्गज भाजपा में शामिल हो सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस का जहां प्रमुख दलित चेहरा भाजपा के संपर्क में है वहीं शिअद के कई दिग्गज भाजपा में शामिल होने की कतार में हैं। यानि भाजपा फुलप्रूफ तैयारी के साथ पंजाब के लोकसभा चुनाव में उतरी है। दरअसल भाजपा लोकसभा चुनाव में आक्रामक रुख दिखाते हुए अपने विरोधियों को ये स्पष्ट संदेश देना चाहती है कि लोकसभा चुनाव के साथ-साथ वे पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भी अभी से तैयारी कर रही है और अभी से उसका बेस बनाया जा रहा है। बाकी आने वाले दिनों में भाजपा के धमाकों का सिलसिला ऐसे ही जारी रहने वाला है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा हाईकमान उन सभी दावों और आशंकाओं को जड़ से खत्म करना चाहता है जो इस बात को प्रसारित कर रहे थे कि हाईकमान पंजाब की राजनीति को लेकर कभी गंभीर नहीं रहा। अब भाजपा ने विरोधियों को जो झटके दिए हैं वे हाईकमान की पंजाब के प्रति गंभीरता को दिखाने के लिए काफी हैं।
