February 23, 2026

हरियाणा में फिर भाजपा, जिद्द और गुटबाजी से कांग्रेस का हुआ बंटाधार

चंडीगढ़ : हरियाणा विधानसभा चुनाव (Haryana Assembly Elections) में भाजपा की हैट्रिक ने एक बार फिर हरियाणा में कांग्रेस के लिए वनवास की स्थिति ला दी है। इस बार पूरी तरह से एंटी इंकंबेंसी को लेकर कांग्रेस आश्वस्त थी कि भाजपा को अब हरियाणा से चलता कर देगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आज सुबह तक जो कांग्रेसी वर्कर नाच गा रहे थे वह दोपहर को पार्टी दफ्तरों को छोड़कर चले गए। हरियाणा में कांग्रेस की हार के कई कारण हैं औऱ इन कारणों पर मंथन हाईकमान को करना होगा।

हरियाणा में कांग्रेस की हार के मुख्य रूप से यह कारण रहे:

  1. गुटबाजी के कारण पार्टी के तीन वरिष्ठ नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा, कुमारी शैलजा और रणदीप सुरजेवाला के समर्थकों में अनबन।
  2. हुड्डा, सैलजा के बीच सीएम कुर्सी को लेकर कशमकश इसलिए कांग्रेस ने सीएम फेस घोषित नहीं किया।
  3. 10 सालों से सत्ता से बाहर रही कांग्रेस के कार्यकर्ता कुछ शिथिल पड़ गए हैं। पार्टी ने चुनाव के लिए देर से कमर कसी।
  4. पिछले कुछ महीनों में दलित वोट एक बार फिर छटक कर बीजेपी के पाले में चला गया। कांग्रेस को इससे नुकसान हुआ।
  5. इंडी अलायंस न बनने से आप का अलग चुनाव लड़ने से कांग्रेस प्रत्याशियों को नुकसान हुआ।
  6. कांग्रेस के कई नेता अपनी ही सीटों तक सीमित रह गए।
  7. चुनाव के दौरान दूसरे दलों से आए लोगों को ज्वाइन कराने का मामला भी कुछ सीटों पर कांग्रेस के लिए नुकसानदायक रहा।
  8. हरियाणा में कांग्रेस, बीजेपी के लाभार्थी वर्ग की काट नहीं निकाल पाई।
  9. पहलवानों और किसानों के मुद्दे को ठीक से भुना नहीं पाना कांग्रेस के लिए नुकसानदायक साबित हुआ।
  10. कांग्रेस जहां जाट-दलित समीकरण बनाती दिखी तो दूसरी ओर भाजपा ने गैर-जाटों, मुख्य रूप से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को एकजुट करने पर ध्यान केंद्रित किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *