घनारी में सुरेश एवम डॉ देवकला शर्मा ने समाज में फैली तमाम बुराईयों को जड़ से खत्म करने का किया आह्वान
दौलतपुर चौक : (संजीव डोगरा)
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घनारी में चल रहे सात दिवसीय एन एस एस विशेष शिविर के दूसरे दिन गुरुवार को प्रधानाचार्य ललित मोहन के दिशानिर्देशानुसार स्वयंसेवियों ने श्रमदान करते हुए स्कूल परिसर की सफाई , खेल मैदान का जीर्णोद्वार व् फूलों की क्यारियों को सिंचित किया गया। जबकि स्वयंसेवियों ने खुद अपना भोजन तैयार करके परोसा और सांस्कृतिक संध्या में भी हिस्सा लिया। प्रोग्राम ऑफिसर प्राध्यापक अरुणा राणा एवम प्राध्यापक सतीश के.कालिया ने बताया कि बौद्धिक सत्र में रिसोर्स पर्सन के रूप में पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय से प्रिंसीपल साइंटिस्ट के पद से सेवानिवृत्त डॉ सुरेश शर्मा एवं हिंदी विभागाध्यक्ष के पद से सेवानिवृत्त डॉ सुरेश शर्मा ने शिरकत की। डॉ देवकला शर्मा ने स्वयंसेवियों को एन एस एस की ऐतिहासिक पृष्ठ भूमि और एन एस एस के महत्त्व के बारे में जागरूक किया। उन्होंने स्वयंसेवियों को बताया कि एनएसएस से विद्यार्थियों को समाज सेवा करने की प्रेरणा और जज्बा मिलता है साथ ही साथ स्टूडेंट्स में बहुमुखी प्रतिभा का विकास होता है। इसलिए विद्यार्थी जीवन में हर स्टूडेंट्स को एनएसएस में शामिल होना चाहिए। उन्होंने स्वच्छता पर जोर देते हुए समाज में फैली कन्या भ्रूण हत्या जैसी तमाम बुराईयों को जड़ से खत्म करने के लिए प्रेरित किया। प्रिंसीपल साइंटिस्ट के पद से सेवानिवृत्त डॉ सुरेश शर्मा ने विद्यार्थियों को कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कैसे करनी है,एनटीए की परीक्षा की तैयारी कैसे करनी है की जानकारी रखी। उन्होंने विद्यार्थियों को खेतीबाड़ी का महत्व एवम रसायन खादों एवम कीटनाशकों के दुरुपयोग से होने वाले नुकसान के बारे बताया।डॉ सुरेश शर्मा ने एनएसएस स्वयंसेवियों से आह्वान किया कि कड़ी मेहनत एवम लग्न से कार्य करते हुए मुश्किल से मुश्किल मंजिल हासिल की जा सकती है। उधर प्रधानाचार्य ललित मोहन ने भी विद्यार्थियों को नैतिकता का पाठ पढ़ाया। इस अवसर पर डर गुरदीप शोटू, बलबिंद्र सिंह,रजनीश,रविन्द्र गुलेरिया, अनिल ठाकुर,लक्की इत्यादि उपस्थित रहे।
