चौमूं हिंसा के बाद पत्थरबाजों के अवैध निर्माण ध्वस्त
20 अवैध बूचड़खानों पर भी कार्रवाई
जयपुर, राजस्थान के जयपुर जिले के चौमूं कस्बे में पिछले दिनों हुई सांप्रदायिक हिंसा और पुलिस पर पथराव के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। घटना के एक हफ्ते बाद अब प्रशासन ने उपद्रवियों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन शुरू कर दिया है। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नगर परिषद की टीम ने अवैध निर्माणों और बूचड़खानों को ढहाने की कार्रवाई की है।
प्रशासन ने हिंसा और पत्थरबाजी में शामिल चिह्नित 24 आरोपियों के घरों पर नोटिस चस्पा किए थे। इन नोटिसों में अवैध निर्माण को लेकर स्पष्टीकरण और लीगल दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया था, जिसकी मियाद 31 दिसंबर को समाप्त हो गई।
आरोपियों की तरफ से संतोषजनक जवाब या दस्तावेज न मिलने पर आज प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी। चौमूं की पठान कॉलोनी में बुलडोजर की मदद से 20 अवैध बूचड़खाने और 4 अन्य अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया। मौके पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस कार्रवाई की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि हिंसा के मामले में अब तक करीब 110 लोगों को हिरासत (डिटेन) में लिया गया था। इनमें से 19 लोगों को आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ के दौरान 15 अन्य संदिग्धों के नाम भी सामने आए हैं, जो अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
विवाद की शुरुआत चौमूं में एक मस्जिद के बाहर रेलिंग लगाने को लेकर हुई थी। पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच पहले पत्थर हटाने पर सहमति बनी थी, लेकिन पत्थर हटते ही कुछ लोगों ने वहां रेलिंग लगानी शुरू कर दी। जब पुलिस ने इसे रोका, तो समुदाय विशेष की भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया।
इस हिंसक झड़प में 6 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। हालात इतने बिगड़ गए थे कि पुलिस को भीड़ तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और कस्बे में इंटरनेट सेवाएं भी बंद करनी पड़ी थीं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और प्रशासन अवैध गतिविधियों पर लगातार प्रहार कर रहा है।
