उद्यानिकी विभाग द्वारा विशेष शिविर आयोजित कर उद्यानिकी सहायक व्यवसाय अपनाने हेतु प्रोत्साहित किया गया
सचिन सोनी, श्री आनंदपुर साहिब, 15 नवंबर,
ब्लॉक आनंदपुर साहिब में बागवानी फसलों और बागवानी सहायक व्यवसायों के तहत क्षेत्र को बढ़ाने के उद्देश्य से गांव चंदेसर में एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। उद्यान विकास अधिकारी डॉ.भारत भूषण ने किसान भाईयों एवं बहनों को जानकारी देते हुए बताया कि आजकल परम्परागत फसलों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र को निकालकर उद्यानिकी फसलों के अन्तर्गत लाने की आवश्यकता है क्योंकि परम्परागत फसलें उगाने से जहां मिट्टी एवं पानी का दुरुपयोग होता है। केवल बागवानी फसलों को अपनाने से अधिक लाभप्रदता के साथ-साथ मिट्टी के स्वास्थ्य और जल स्तर में भी सुधार होता है। डॉ. भारत भूषण बागवानी विकास अधिकारी और मक्खन सिंह बागवानी उप निरीक्षक श्री आनंदपुर साहिब ने शिविर में उपस्थित किसान भाइयों और किसान पत्नियों को सहायक बागवानी व्यवसाय के रूप में मशरूम की खेती के बारे में एक प्रदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब राज्य में मशरूम का उत्पादन बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं, क्योंकि इसकी खेती के लिए आवश्यक कच्चा माल (पुआल और पराली) सस्ता और आसानी से उपलब्ध है। जहां मशरूम की खेती बहुत सस्ते में की जा सकती है, वहां मजदूरों को काम भी मिलता है। नई फसल होने के कारण इसकी बिक्री पर्याप्त हो सकती है क्योंकि राज्य के लोगों की क्रय शक्ति अच्छी है और यहां के किसान को नई चीजें भी जल्दी मिल जाती हैं।
उन्होंने कहा कि मशरूम की खेती घरेलू स्तर पर नवंबर से फरवरी तक की जा सकती है। यह फसल प्रोटीन और विभिन्न खनिजों से भरपूर है। डॉ. भारत भूषण के पास मशरूम की खेती को घरेलू स्तर से व्यावसायिक स्तर तक ले जाने की आवश्यक जानकारी है इसके साथ ही विशेषज्ञों ने गंदोय खाद बनाने की जानकारी दी ताकि किसान रासायनिक खाद का प्रयोग बंद कर अपनी आय बढ़ा सकें। विभाग द्वारा उपलब्ध कराये जा रहे जैव उर्वरकों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गयी तथा बताया गया कि यदि किसान को इन जैव उर्वरकों की आवश्यकता होती है तो विभाग द्वारा उन्हें उचित दरों पर उपलब्ध कराया जाता है। यदि किसी किसान को पीएसबी, जेडएसबी एवं ट्राइकोडर्मा आदि जैव उर्वरकों की आवश्यकता है तो वह उद्यान विभाग से संपर्क कर सकता है। इस मौके पर जीटी इंडिया के सुभम, गुरदीप कौर मौजूद रहे।
