पीयूष मुनि जी के शीघ्र 50 वें वर्ष में प्रवेश पर सभी श्रद्धालुओं की ओर से आदर की चादर ओढ़ाकर सम्मानित किया
जालंधर, आचार्य सम्राट पूज्य श्री आत्माराम जी महाराज तथा राष्ट्र संत वाचनाचार्य श्री मनोहर मुनि जी महाराज की जन्म जयंती पर समाज के सभी वर्गों में सहयोग, सौहार्द तथा सद्भाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विराट सर्व धर्म संगम का अपूर्व आयोजन अत्यधिक गौरवमयी तरीके से भव्य रूप में द्रोणा गार्डन, कपूरथला रोड़ के विशाल सभागार में भारत संत गौरव प्रवर्तक श्री पीयूष मुनि जी महाराज के दिशानिर्देशन में सभी भारतीय परंपराओं की शिखर आध्यात्मिक विभूतियों की मंगल उपस्थिति में संपन्न हुआ जिसमें उत्तर भारत के विभिन्न अंचलों की हजारों की संख्या में जनमेदिनी सम्मिलित हुई।
अध्यक्षता श्री अतुल जैन (पारस इंडस्ट्रीज, दिल्ली) ने की। प्रमुख अतिथि श्री सुशील जैन (दा ईडन, करनाल) रहे और ध्वजारोहण महावीर वूलन इंडस्ट्रीज, जालंधर के नरेश जैन ने किया। नृपन जैन (सतीश मैटल कंपनी) तथा प्रमोद जैन (एस. विकास एंड कंपनी, पब्लिशर) की सेवाएं समारोह का स्तंभ रूप रहीं। आत्म मनोहर दरबार अनावरण श्री जितेंद्र जैन प्रधान- न्यू किचलू नगर लुधियाना ने किया और स्वागताध्यक्ष का दायित्व श्री विमल प्रकाश जैन (आत्म वाल्वज) जालंधर ने निभाया। प्रीतिभोज का लाभ श्री अशोक जैन (जैनसन इंडस्ट्रीज) तथा अल्पाहार का सौजन्य अरुण जैन (अरुण ट्रेडर्ज) ने लिया।
पंजाब के राज्यपालगुलाबचंद कटारिया ने महापुरुषों के जन्म जयंती पर समाज को प्रेम तथा एकता के सूत्र में पिरोने को ऐतिहासिक पहल बताते हुए सभी परंपराओं की बुनियादी एकता एवं अहिंसा, दया, सत्य, सदाचार, अपरिग्रह, अनेकांत को सभी समस्याओं का समाधान रूप प्रमाणित किया। उन्होंने श्री पीयूष मुनि जी द्वारा सामाजिक सहयोग को बल देने के प्रयोजन से प्रतिवर्ष किए जाने वाले सद्भाव सम्मेलन को समय की मांग बताया क्योंकि यह आपसी प्रेम मनमुटाव, वैर-विरोध तथा अशांति को दूर कर विश्व परिवार की अवधारणा को समाज में मजबूती से स्थापित करता है।
भारत संत गौरव उपप्रवर्तक श्री पीयूष मुनि जी महाराज ने अपने धारा प्रवाह प्रवचन में कहा कि कलकल करती नदियां भिन्न-भिन्न मार्गों से समुद्र की ओर जाती हैं तथा इसी प्रकार संसार में विभिन्न पंथ, संप्रदाय आत्मा की परमात्मा की ओर यात्रा का मार्ग दिखाते हैं। संसार अनेक मजहब रूपी फूलों की फुलवारी है जो आत्मा को आत्मानंद के सौरभ से सुरभित करते हुए मोक्ष का पथ प्रदर्शित करते हैं। जिस तरह बुद्धिमान व्यक्ति प्रत्येक पुष्प की सुगंध लेकर उसकी प्रशंसा करता है, इसी प्रकार प्रत्येक धर्म का यथोचित आदर करते हुए उसमें से अच्छाई ग्रहण करनी चाहिए। एक फूल को पसंद करने पर बाकी फूलों को उखाड़ने से बगीचे की खूबसूरती खत्म हो जाती है, ऐसे ही फिरकों के चक्कर में लड़ने, मार-काट करने तथा द्वेष रखने से मुक्ति के द्वार बंद हो जाते हैं। प्रत्येक धर्म मानवता के आधारभूत तत्वों क्षमा, संतोष, दया, करुणा, सत्य, संयम, सदाचार पर बल देता है। सभी मजहब आत्मा को ऊंचा उठाने तथा मुक्ति पथ पर आगे बढ़ाने की कोशिश करते हैं। धर्म रूपी आत्मा के निकल जाने पर संप्रदाय रूपी कलेवर ईर्ष्या-द्वेष तथा वैमनस्य की दुर्गंध फैलाता है। सभी अनुष्ठान मुक्ति रूपी मंजिल तक पहुंचाने के लिए हैं बशर्ते सम्यक विवेक जागृत हो और व्यक्ति सदाचारी हो। किसी भी नाम, तरीके से की हुई उपासना उसी परम सत्ता तक ले जाती है। अपने ही सही तथा दूसरों के गलत होने का हठ छोड़कर सत्य की तलाश करनी चाहिए और प्राणी मात्र के प्रति मैत्री रखनी चाहिए।
नवल पीठाधीश परमहंस श्री बसंत , महामंडलेश्वर श्री मनकामनेश्वर गिरि, रामानंद संप्रदाय के स्वामी श्री धराचार्य , दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के स्वामी चिन्मयानंद , ब्रह्मर्षि बावरा मिशन की चेयरपर्सन डा. अमृता दीदी, प्रणामी संप्रदाय राष्ट्रीय उपाध्यक्ष स्वामी श्यामानंद, निर्मल अखाड़ा महंत गुरविंदर, परमहंस बबलादास, स्वामी विज्ञानानंद, शिया धर्म गुरु मौलाना कोकब मुजतबा, ब्रह्मकुमारीज मिशन की सुश्री गीता दीदी, डिवाइन मिशन के राजकुमार गुरु, विश्व मानव रूहानी केंद्र के प्रतिनिधि मनमोहन, नामधारी संप्रदाय प्रतिनिधि, बौद्धभिक्षु भंते शिलानंद, साध्वी डा. प्रियतम हरि आदि ने बाहरी विभिन्नताओं को नजर अंदाज कर धर्म के भीतरी रूप पवित्रता, श्रद्धा, विश्वास, कर्तव्य पालन पर विशेष रूप से जोर दिया।
पंजाब के कैबिनेट मंत्री श्री अमन अरोड़ा, महेंद्र भगत, राज्य सभा सांसद अशोक मित्तल, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री विजय सांपला, श्री सोमप्रकाश, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डा. विजय सिंगला, पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया, भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना, कांग्रेस, भाजपा तथा आम आदमी पार्टी के अनेक प्रांतीय, जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों के साथ पंजाब केसरी समाचार पत्र समूह की ओर से अभिजय चोपड़ा उपस्थित रहे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक डा. इंद्रेश कुमार ने समन्वयक के रूप में भारत भूखंड में जन्म लेने वाले सभी लोगों को भारतवासी बताते हुए भारत माता की संतान के रूप में एक दूसरे के दुख-सुख में शरीक होने की प्रेरणा दी और ऐसे कल्याणकारी, मानवीय एकता को समर्पित वर्तमान में सर्वाधिक प्रासंगिक आयोजनों के सूत्रधार श्री पीयूष मुनि जी के शीघ्र 50 वें वर्ष में प्रवेश पर सभी श्रद्धालुओं की ओर से आदर की चादर ओढ़ाकर सम्मानित किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक प्रमोद कुमार, किशोर कांत, विहिप केंद्रीय सहमंत्री रासबिहारी, हिंदू जागरण मंच के उत्तर क्षेत्रीय संयोजक मुरली मनोहर आदि की मौजूदगी ऐसे सदप्रयासों की सामाजिक स्वीकार्यता की झलक दिख रही थी।
एस.एस. जैन सभा (रजि.) गुड मंडी तथा उसके सहयोगी संगठनों द्वारा किए सारे प्रयास तथा समुचित व्यवस्था कार्यक्रम को विस्मरणीय रूप दे रहे थे।
हरियाणा राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय राज्य में चुनावों के मद्देनजर लगी आदर्श चुनाव आचार संहिता तथा केंद्रीय मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत, किरण रिजिजू चुनाव प्रचार में व्यस्त होने के कारण अनुपस्थित रहे परंतु उन्होंने अपने शुभकामना संदेश भेजे।
