टाटा ग्रुप का ऐतिहासिक कदम, विदेशी धरती पर पहली डिफेंस फैक्ट्री स्थापित करेगा
मुंबई: भारत को पहली एयरलाइन, पहला रिसर्च संस्थान, पहला लग्जरी होटल, पहला स्टील प्लांट और पहला बिजली संयंत्र प्रदान करने का श्रेय टाटा ग्रुप को जाता है. अब टाटा ग्रुप एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने जा रहा है, जिससे वह विदेश में भी भारत का नाम ऊंचा करेगा. यह ग्रुप विदेश में अपनी पहली डिफेंस फैक्ट्री स्थापित करने जा रहा है.
टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, टाटा ग्रुप की यह कंपनी, कासाब्लांका, मोरक्को में एक डिफेंस फैक्ट्री लगाने की तैयारी में है। यह विदेशी धरती पर भारत की पहली डिफेंस फैक्ट्री होगी. इस फैक्ट्री में पहले ‘रॉयल मोरोक्कन आर्म्ड फोर्सेस’ के लिए विशेष व्हील्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म का निर्माण किया जाएगा। भविष्य में यह फैक्ट्री पूरे अफ्रीकी बाजार के लिए भी प्रोडक्ट्स का निर्माण करेगी।
TATA हर साल बनाएगी इतनी गाड़ियां
टाटा ग्रुप की इस फैक्ट्री में शुरूआत में हर साल 100 आर्मर्ड व्हीकल्स का निर्माण किया जाएगा। फैक्ट्री एक साल के भीतर पूरी तरह तैयार हो जाएगी और यहां उत्पादन शुरू हो जाएगा. ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, इस फैक्ट्री से पहला वाहन 18 महीनों के अंदर तैयार होकर बाहर आ जाएगा। टाटा ग्रुप द्वारा बनाए जा रहे ये वाहन पहले से प्रोडक्शन में हैं और भारतीय सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाते हैं। सीमित संख्या में बनने वाले ये लड़ाकू वाहन (कॉम्बैट व्हीकल) भारत में लद्दाख की सीमा पर तैनात किए गए हैं। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड ने व्हील्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म को भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के साथ मिलकर विकसित किया है। मोरक्को की सेना द्वारा इसे चुनने से पहले, इस वाहन की अफ्रीका के रेगिस्तानी क्षेत्रों में कई बार टेस्टिंग की गई थी, जिसके बाद टाटा ग्रुप को इसका कॉन्ट्रैक्ट मिला।
हालांकि, इस कॉन्ट्रैक्ट का आकार और टाटा ग्रुप द्वारा फैक्ट्री में किए गए निवेश की सटीक जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। लेकिन यह अनुमान है कि इस फैक्ट्री में लगभग 350 लोगों को रोजगार मिलेगा. इसके उत्पादन से संबंधित कई गतिविधियां भारत में ही की जाएंगी। इसके साथ ही, इस फैक्ट्री के माध्यम से टाटा ग्रुप अफ्रीका के डिफेंस मार्केट में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा।
