बांग्लादेश में हिंदू सुरक्षित नहीं, दुर्गा पूजा पंडालों को बनाया गया निशाना
ढाका : बांग्लादेश (Bangladesh) के नए मुखिया मोहम्मद यूनुस के आने के बाद भी वहां पर हिंदुओं की स्थिति में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। दुर्गा पूजा समारोहों से जुड़ी लगभग 35 अप्रिय घटनाएं सामने आई हैं, जिसके बाद सत्रह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। लगभग एक दर्जन मामले भी दर्ज किए गए हैं।
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब एक दिन पहले पता चला कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उपहार में दिया गया एक मुकुट दुर्गा पूजा समारोहों के बीच बांग्लादेश के दक्षिण-पश्चिमी सतखीरा जिले में एक हिंदू मंदिर से चोरी हो गया था, जिस पर भारत ने चिंता व्यक्त की थी। पांच दिवसीय हिंदू धार्मिक उत्सव बुधवार को देवी दुर्गा के आह्वान के साथ शुरू हुआ, जिसे महा षष्ठी कहा जाता है। समारोह का समापन रविवार को देवी दुर्गा की मूर्तियों के विसर्जन के साथ होगा।
बता दें कि अल्पसंख्यक हिंदू बांग्लादेश की 170 मिलियन आबादी का लगभग 8 प्रतिशत हिस्सा हैं। हिंदुओं को 5 अगस्त को तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के निष्कासन के बाद भड़की छात्र-नेतृत्व वाली हिंसा के दौरान अपने व्यवसायों और संपत्तियों की बर्बरता और मंदिरों के विनाश का सामना करना पड़ा।
पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) एमडी मोइनुल इस्लाम ने कहा कि 1 अक्टूबर से देश भर में चल रहे दुर्गा पूजा समारोह से संबंधित 35 घटनाएं हुई हैं, जिसके कारण 11 मामले दर्ज किए गए हैं। इस्लाम ने शुक्रवार को ढाका में बनानी पूजा मंडप का दौरा किया, जिसके बाद उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि देश भर में 32000 से अधिक मंडपों में दुर्गा पूजा मनाई जा रही है।
भारतीय उच्चायोग ने बांग्लादेश सरकार से चोरी की जांच करने और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के अलावा मुकुट बरामद करने का आग्रह किया। आईजीपी इस्लाम ने आश्वासन दिया कि पुलिस के पास घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों का रिकॉर्ड है और आरोपी को सजा मिलकर रहेगी।
