January 27, 2026

भगवान राम की जन्म भूमि अयोध्या के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) बस सेवा शुरू करेगा

शिमला : भगवान राम की जन्म भूमि अयोध्या के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) बस सेवा शुरू करेगा। हिमाचल से अयोध्या के लिए एचआरटीसी की छह बसें जल्द दौडऩे वाली हैं। गुरूवार को शिमला में आयोजित एचआरटीसी की निदेशक मंडल की बैठक में छह बसें चलाने को मंजूरी प्रदान की गई।
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व परिवहन विभाग का जिम्मा संभाल रहे मुकेश अग्निहोत्री ने पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दर्शन सेवा योजना के तहत अयोध्या के लिए बस सेवा शुरू की जाएगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार से बातचीत चल रही है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि दर्शन सेवा योजना के तहत 175 धार्मिक रूटों पर एचआरटीसी की बसें चलेंगी। प्रदेश सहित देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए इन बसों का संचालन होगा। इन बसों की बाकायदा ब्रांडिंग भी की जाएगी, ताकि लोगों को इसकी जानकारी मिल सके और वे धार्मिक स्थलों की यात्रा कर पाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खाटू श्याम, चिंतपूर्णी, ज्वालामुखी सहित कुछ धार्मिक स्थलों के लिए बस सेवा शुरू कर चुकी है और अब अध्योध्या, मथुरा, बं्रदावन व अन्य प्रमुख स्थलों के लिए बसें चलाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि दर्शन सेवा के तहत धार्मिक स्थलों के लिए दौडऩे वाली बसें मंत्रोच्चारण के साथ रवाना होंगी।
एचआरटीसी देगा नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड की सुविधा : उपमुख्यमंत्री ने बताया कि हिमाचल राज्य पथ परिवन जल्द नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) की सुविधा प्रदान करेगा। यह सुविधा देने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य बनेगा। इस सेवा के तहत एचआरटीसी यात्रियों को एक कार्ड जारी करेगी। यात्री पूरे देश में इस कार्ड का इस्तेमाल कर सकेंगे। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में हर साल स्कूली बच्चों की सुविधा के लिए आनलाइन बस पास देने का निर्णय लिया गया है। इससे स्कूली बच्चों को पास बनाने के लिए लंबी-लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा। शिमला शहर के स्कूलों को बसों की सुविधा देने से एचआरटीसी को 14 करोड़ रुपए सालाना का नुकसान हो रहा है।
एचआरटीसी के बाहरी राज्यों के 200 रूट घाटे में : उपमुख्यमुत्री ने खुलासा किया कि एचआरटीसी के बाहरी राज्यों को जाने वाले 200 रूट घाटे में चल रहे हैं। यह चिंता की बात है और इसे लेकर गहनता से मंथन किया जा रहा है। शिमला शहर के चिन्हित रूटों पर दौडऩे वाली एचआरटीसी की टैक्सियां भी घाटे में हैं। उन्होंने कहा कि इन रूटों को घाटे से उबारने के लिए आगामी दिनों में कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि बीते वर्ष एचआरटीसी में 902 लोगों को रोजगार दिया गया। वहीं परिचालकों के परिणाम जल्द घोषित होने वाला है। चालकों की जल्द भर्ती की जाएगी। करूणामूल आधार पर 76 पदों को भरा जाएगा। इसके अलावा पीसमील के पदों पर भी तैनाती की जाएगी।
उन्होंने कहा कि एचआरटीसी की वितीय हालत मजबूत न होने के बावजूद कर्मचारियों व पेंशनरों को समय पर वेतन व पेंशन जारी की जा रही है। पिछले तीन माह से पहली तारीख को वेतन व पेंशन मिल रही है। अक्तूबर व नवंबर महीने में एचआरटीसी की आय में साढ़े सात करोड़ की बढ़ौतरी हुई है। लगेज पालिसी से एचआरटीसी को 30 लाख की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई है। वहीं प्रति किलोमीटर आय में 4.72 फीसदी बढ़ी है। उन्होंने यह भी बताया कि एचआरटीसी ने डैडमाइलेज को 1 लाख 33 हजार 709 किलोमीटर कम किया है।

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