नूरपुर विद्युत मंडल के प्रांगण में हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी को श्रद्धांजलि दी
रघुनाथ शर्मा बेबाक़, जसूर: हिमाचल प्रदेश विद्युत पेंशनर फोरम के राज्य उपाध्यक्ष पवन मोहल की अध्यक्षता में नूरपुर विद्युत मंडल के प्रांगण में हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी को श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर पावर इंजीनियर की तरफ से अधिशासी अभियंता नूरपुर विकास ठाकुर, अधिशाषी अभियंता 220 के वी जसूर संनदन कुमार, और कर्मचारी यूनियन की ओर से राज्य सगठन सचिव अश्वनी ठाकुर, विद्युत पेंशनर फोरम जवाली से रिटायर्ड एसडीओ चैन सिंह पठानिया सहित सैकड़ों कर्मचारियों इंजीनियरो, पेंशनरों ने अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर विद्युत पेंशनर फोरम के राज्य उपाध्यक्ष पवन मोहल ने कहा कि 10 मार्च से लापता चल रहे हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी का शव 18 मार्च को मृत हालत में भाखड़ा बांध से मिला था। विमल नेगी की मौत ने हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन की कारगुजारी पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। और इसके साथ हम भी कहना चाहेंगे की पावर कारपोरेशन के जो एम डी हैं जब वह बिजली बोर्ड में एम डी के पद पर कार्यरत थे। इनकी कार्यप्रणाली को लेकर इंप्लाइज ,इंजीनियर और पेंशनर का जो ज्वाइंट फ्रंट बना है उन्होंने खुलकर पुरजोर विरोध किया था। उसके बाद इस एम डी को बिजली बोर्ड से हटाया गया। और अब विमल नेगी की धर्मपत्नी ने खुल्लम-खुल्ला पावर कॉरपोरेशन के एम डी हरिकेश मीना पर आरोप लगाए की हरिकेश मीना के कारण विमल नेगी की मौत हुई। मगर बड़े दुख की बात है की सरकार ने इस एम डी को सस्पेंड नहीं किया। अगर प्रदेश सरकार ने बिजली बोर्ड के ज्वाइंट फ्रंट की मांग को सीरियस लिया होता और इस एम डी को प्रदेश से बाहर भेज दिया होता तो आज विमल नेगी जी जिंदा होते। हम इस श्रद्धांजलि समारोह के माध्यम से प्रदेश सरकार से पुरजोर मांग करते हैं की हरिकेश मीणा को सस्पेंड कर ज्यूडिशियल इन्क्वायरी या सीबीआई जांच बिठाई जाए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। विमल नेगी के परिवारजन को भी लगे की सरकार ने उनकी बात का मान रखा है। और सरकार के द्वारा विमल नेगी जी के मृत्यु को लेकर जो एफ आई आर दर्ज की और पावर कॉरपोरेशन के इलेक्ट्रिकल डायरेक्टर देशराज को सस्पेंड करने की कार्यवाही के लिए धन्यवाद भी करते हैं।
