देश में हिमाचल प्रदेश बेरोजगारी दर में सबसे आगे : चेतन बरागटा
शिमला, देश राज शर्मा, हिमाचल प्रदेश भाजपा प्रदेश प्रवक्ता चेतन बरागटा ने कहा है कि बेरोजगारी को लेकर पूरे भारत का एक सर्वे हाल ही में पीएलएफएस के माध्यम से देश की जनता के सामने आया। जिस सर्वे में भारत में बेरोजग़ारी की दर पिछले 6 वर्षों में सबसे कम आंकी गई। जुलाई 2022 से लेकर जून 2023 तक भारत की बेरोजग़ारी दर मात्र 3.2 प्रतिशत रही। वित वर्ष 2023 में आई.एम.एफ की रिपोर्ट की मुताबिक पूरे विश्व में भारत की विकास दर लगभग 6.3 प्रतिशत आंकी गई, जो कि वित्त वर्ष 2024 में भी औसतन इतनी ही रहेगी। अप्रैल 2023 से लेकर जून 2023 तक, एक तिमाही में शहरी बेरोजग़ारी दर पूरे भारत में सर्वाधिक हिमाचल प्रदेश मे बढक़र 14 प्रतिशत हुई है, जबकि भारत की शहरी बेरोजग़ारी दर लगभग 6.6 प्रतिशत है। चेतन बरागटा ने कहा कि ये साफ दिखलाता है कि केन्द्र की मोदी सरकार की इकोनॉमिक्स को लेकर जो पॉलिसी और मेनेजमेंट है वो चाहे माइक्रो हो चाहे मैक्रो उसके अच्छे परिणाम आने लगे है। मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने बेरोजग़ारी का सबसे निचला स्तर प्राप्त किया है। मोदी सरकार ने भारत में बेरोजग़ारी दर को कम करने का प्रयास किया है,लेकिन हिमाचल सरकार इसके बिलकुल विपरित कार्य कर रही है। हिमाचल कांग्रेस और प्रियंका गांधी ने प्रदेश की जनता से विधानसभा चुनाव के दौरान वादा किया था कि हिमाचल में कांग्रेस की सरकार बनते ही पहली कैबिनेट बैठक में एक लाख नौकरी देने का फैसला होगा और पांच साल में पांच लाख युवाओं को रोजगार देगें। इस सरकार का दस महीने का कार्यकाल पूर्ण होने पर भी इस दिशा में अभी तक कोई प्रयास नहीं हुआ है। एक लाख युवाओं को रोजगार देना तो छोडि़ए, इस सरकार ने इसके उल्ट अनुबंध कर्मचारियों को ही नौकरी से निकाल दिया। जिन युवाओं ने नौकरी के लिए परीक्षाएं दी है उनके अभी तक रिज़ल्ट तक घोषित नही किए है। मोदी सरकार लगातार युवाओं के उत्थान के लिए कार्य कर रही है वहीं दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश सरकार ने युवाओं को ठगने का काम किया है।
