स्वास्थ्य विभाग 15 मार्च तक मनाएगा विश्व ग्लूकोमा सप्ताह – डॉ. दलजीत कौर
राज घई, कीरतपुर साहिब: 15 मार्च तक चलने वाले ‘विश्व ग्लूकोमा सप्ताह’ के दौरान कीरतपुर साहिब के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेष नेत्र जांच शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम इलाज के लिए आए मरीजों की निशुल्क आंखों की जांच कर रही है तथा उन्हें आंखों की देखभाल के बारे में जागरूक भी कर रही है।
इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डा. दलजीत कौर ने बताया कि ग्लूकोमा सप्ताह के दौरान आयोजित किए जा रहे इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य ग्लूकोमा से पीड़ित लोगों की पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि ‘ग्लूकोमा’, जिसे मोतियाबिंद भी कहा जाता है, विश्व में अनुपचारित अंधेपन का प्रमुख कारण है। उन्होंने यह भी बताया कि मोतियाबिंद अक्सर दृष्टि को चुपचाप प्रभावित करता है, क्योंकि रोगी को मध्यम से उन्नत अवस्था तक कोई लक्षण अनुभव नहीं होता। उन्होंने कहा कि ग्लूकोमा से होने वाली अंधेपन की रोकथाम और इसका समय पर उपचार ही इस गंभीर बीमारी से बचने का मुख्य उपाय है।
डॉ. दलजीत कौर ने कहा कि यदि रोग का समय रहते पता चल जाए और तुरंत उपचार शुरू कर दिया जाए तो कम से कम 90 मामलों में अंधेपन को रोका जा सकता है। लोगों को अपनी आंखों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया उज्ज्वल है, लेकिन हमें अपनी आंखों की सुरक्षा के लिए कुछ सावधानियां बरतनी होंगी।
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि वे आम जनता से अपील करते हैं कि वे स्वास्थ्य विभाग द्वारा विश्व ग्लूकोमा सप्ताह के दौरान आयोजित किए जा रहे इन शिविरों में बड़ी संख्या में भाग लें तथा अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
इस अवसर पर डॉ. अनु शर्मा ने कहा कि ग्लूकोमा से कोई भी पीड़ित हो सकता है, लेकिन 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों, परिवार के सदस्यों जिन्हें मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी कोई बीमारी हो तथा विशेषकर लंबे समय से आंखों की दवाइयां ले रहे मरीजों के लिए यह अधिक जोखिम भरा है। उन्होंने कहा कि आंख में चोट लगने के कारण भी ग्लूकोमा हो सकता है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. कुसुम ने कहा कि सभी को वर्ष में कम से कम एक बार अपनी आंखों की जांच करानी चाहिए तथा 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को हर छह माह में अपनी आंखों की जांच करानी चाहिए। ब्लॉक एजुकेटर रतिका ओबराय ने बताया कि इस अवसर पर एसआई सिकंदर सिंह, एलएचवी सुनीता, स्टाफ नर्स हरजीत कौर, फार्मेसी अधिकारी बलजीत कौर व लैब टेक्नीशियन साक्षी मौजूद थे।
