हरियाणा प्रदेश लिख रहा है समृद्धि की एक नई परिभाषा : नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। आज हरियाणा समृद्धि की एक नई परिभाषा लिख रहा है। जनता का शासन, जनता के लिए और जनता के द्वारा’ के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए हरियाणा प्रदेश, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के साथ कदम से कदम मिलाकर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। हरियाणा सरकार ने पुरानी परिपाटियों को बदलते हुए गरीबों के उत्थान के लिए न केवल नई योजनाएं शुरू की हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया है कि वे योजनाएं धरातल पर प्रभावी रूप से लागू हों। मुख्यमंत्री ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सोमवार को जिला गुरुग्राम में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इससे पहले उन्होंने वीर शहीदी स्मारक पर माल्यार्पण कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने हरियाणा पुलिस, महिला पुलिस, होमगार्ड तथा स्काउट्स सहित विभिन्न टुकड़ियों की परेड का निरीक्षण किया और उन्हें सलामी ली। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन की शुरुआत अमर शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों, संविधान शिल्पी बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर तथा संविधान सभा के सभी सदस्यों को नमन करते हुए की और कहा कि वंदे मातरम और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प से ओत-प्रोत यह गणतंत्र दिवस हमें देश की एकता, सांस्कृतिक गौरव और स्वावलंबन की भावना का स्मरण कराता है। विविधताओं से भरा हमारा राष्ट्र सदैव एकता के सूत्र में बंधा रहा है, जिसकी झलक वंदे मातरम के 150 वर्षों के गौरवपूर्ण उत्सव में दिखाई देती है। आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ते हुए भारत आज विश्व मंच पर नई पहचान बना रहा है, जो प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।
गणतंत्र दिवस—अतीत की स्मृति और उज्ज्वल भविष्य का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल अतीत को स्मरण करने का पर्व ही नहीं, बल्कि हमारे वर्तमान और भविष्य की उस सुनहरी तस्वीर को देखने का भी महापर्व है, जिसे हमने पिछले 11 वर्षों में मिलकर गढ़ा है। उन्होंने कहा कि दशकों तक सरकारें बदलती रहीं, लेकिन व्यवस्था नहीं बदली। व्यवस्था परिवर्तन के लक्ष्य के साथ गत विधानसभा चुनावों में सरकार ने अपने संकल्प-पत्र में 217 संकल्प लिए थे, जिनमें से 54 संकल्प मात्र एक वर्ष में पूरे कर लिए गए हैं, जबकि शेष 163 संकल्पों पर तेजी से कार्य जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश की ‘बिना खर्ची–बिना पर्ची’ नौकरी नीति, ऑनलाइन रजिस्ट्री व्यवस्था, पारदर्शी ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी, पढ़ी-लिखी पंचायतें और अंत्योदय अभियान की चर्चा पूरे देश में हो रही है, जो नए हरियाणा की सशक्त और पारदर्शी तस्वीर प्रस्तुत करती है।
