हरियाणा विधानसभा आम चुनाव-2024-
आदर्श चुनाव आचार संहिता की पालना सुनिश्चित करें राजनीतिक दल : मोनिका गुप्ता
किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति पर भी बिना अनुमति नहीं लगा सकते बैनर-पोस्टर
उल्लंघन पर हरियाणा संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम और नगरपालिका कानूनों के तहत दर्ज होगा मुकदमा
नारनौल, 21 अगस्त। हरियाणा विधानसभा आम चुनाव-2024 के दौरान सभी राजनीतिक दल भारत के चुनाव आयोग के निर्देशों की अनुपालना करें। कोई भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार किसी व्यक्ति की भूमि, भवन परिसर, दीवार आदि पर बिना उसकी अनुमति के झंडा फहराने, बैनर लगाने, नोटिस चिपकाने, नारे लिखने आदि का काम ना करें। ऐसा करने पर हरियाणा संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम और नगरपालिका कानूनों के तहत संबंधित के खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा।
जिलाधीश मोनिका गुप्ता (आईएएस) ने इस संबंध में आदेश पारित कर आदर्श चुनाव आचार संहिता की पालना सुनिश्चित करने को कहा है।
उन्होंने बताया कि संपत्ति के विरूपण की रोकथाम के संबंध में भारत के चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसरण में राजनीतिक दलों, संघों, उम्मीदवारों/व्यक्तियों को किसी व्यक्ति की भूमि, भवन परिसर, दीवार आदि पर बिना उसकी अनुमति के झंडा फहराने, बैनर लगाने, नोटिस चिपकाने, नारे लिखने आदि का काम नहीं करना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां भी भवन के मालिक की लिखित अनुमति के बिना किसी भी संपत्ति (सार्वजनिक या निजी) को नुकसान पहुंचाया तो संबंधित पार्टी/संघ/उम्मीदवार/व्यक्ति पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 324, 326 (डी) या भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 152 और हरियाणा संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम और नगरपालिका कानूनों के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। इसके अलावा, संपत्ति के विरूपण को हटाने पर होने वाला व्यय जिला प्रशासन द्वारा संबंधित पार्टी/संघ, उम्मीदवार, व्यक्ति आदि से वसूला जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसमें सार्वजनिक भवन व सार्वजनिक संपत्तियां शामिल होंगी। राजमार्गों पर साइनबोर्ड, सड़क के दिशा-निर्देशों का संकेत, राजमार्गों के महत्वपूर्ण चौराहों पर मील के पत्थर, रेलवे प्लेटफॉर्म/बस टर्मिनलों पर एहतियाती नोटिस बोर्ड या आम जनता की सुविधा के लिए प्रदर्शित कोई अन्य नोटिस या साइन बोर्ड चुनाव प्रचार के लिए उपरोक्त संपत्ति को विरूपण करने वालों के खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि
सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट इन निर्देशों के कार्यान्वयन की देखरेख के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में प्रवर्तन मजिस्ट्रेट होंगे। संबंधित एसएचओ और बीडीपीओ व ईओ तथा सचिव एमसी द्वारा उन्हें आवश्यक रसद सहायता प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक, महेंद्रगढ़ भी संबंधित एसएचओ के अधीन फ्लाइंग स्क्वायड का गठन करेंगे ताकि आदर्श आचार संहिता के तहत चुनाव आयोग द्वारा परिकल्पित संपत्तियों की जब्ती की जांच की जा सके।
