हैंडलूम न केवल भारतीय प्राचीन ग्रामीण उद्योग है बल्कि एक मनमोहक शानदार कला भी है: बंडारू
चंडीगढ़ 7 अगस्त —– हस्तकरघा ( हैंडलूम ) न केवल भारतीय प्राचीन ग्रामीण उद्योग है बल्कि एक मनमोहक शानदार कला भी है! शहरी क्षेत्र के उद्योगों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र में संचालित होने वाले इन लघु उद्योगों का ज्यादा से ज्यादा प्रसार होना चाहिए ! हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने यह उद्गार आज हरियाणा राजभवन में राष्ट्रीय हस्तकरघा दिवस के अवसर पर हस्तकरघा उद्योग से जुड़े उद्यमियों निर्यातको तथा तथा कारीगरों को सम्मानित करने के उपरांत बोधित करते हुए प्रकट किए ! उन्होंने इस अवसर पर प्रदीप तायल, संदीप कुमार, रचिन गर्ग, अमित अग्रवाल , अंकित गोयल, विनय चुग, विनीत पुनीत, कपिल जिंदल को अपने कर कमलों से सम्मानित किया ! उन्होंने कहा कि यह प्राचीन उद्योग धंधा कबीर जी के जमाने से हमारे देश की धरोहर रही है और आज भी यह उद्योग धंधा और कला अपना वजूद बनाय हुए हैं ! हमारे घरों में हमारी बहन बेटियों ने इस प्राचीन लघु उद्योग को कला का रूप देकर हमारे जीवन में खूबसूरती के रंग भरे हैं उनके हाथों से क्रोशिए से बनाए हुए खूबसूरत आइटम हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करते हैं तथा हमारे घर आंगन की शोभा को बढ़ाते हैं ! इस अवसर पर राज्यपाल हरियाणा के एडीसी (पी ) अर्श वर्मा, संयुक्त सचिव अमरजीत सिंह तथा ओएसडी बखविन्दर सिंह सहित अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित थे !
