आर्थिक संकट में हिमाचल प्रदेश की सरकार
कर्मचारियों को नहीं दिया जा रहा वेतन
हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार आर्थिक संकट से बुरी तरह जूझ रही है। आर्थिक बदहाली की वजह से प्रदेश के 15000 से अधिक कर्मचारियों को पिछले महीने का वेतन नहीं मिल पाया है। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम, श्रम एवं रोजगार विभाग,मेडिकल कॉलेज, वन विभाग के साथ-साथ जल शक्ति विभाग के आउट सोर्स कर्मचारियों को अभी तक वेतन नहीं दिया गया है। सूत्रों के अनुसार हिमाचल प्रदेश का खजाना 1000 करोड रुपए के ओवरड्राफ्ट पर चल रहा है जबकि सरकार ने 800 करोड का लोन अप्लाई कर रखा है। यही वजह है कि विभिन्न बोर्ड, निगम और कुछ अन्य विभागों के कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पाया है। आंकड़ा लगभग 15000 कर्मचारियों का है जो नित सरकार से वेतन मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। मौजूदा वित्त वर्ष में लगभग 11000 करोड रुपए का पुराना लोन और इसका ब्याज अभी वापस लौटाना है। ऊपर से केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश की लोन लेने की लिमिट 5% से घटाकर 3.5% कर दी है। इससे राज्य सरकार को इस बार लगभग 9000 करोड रुपए का कर्ज ही मिल पाएगा। इस तरह 10000 करोड की देनदारी कर्मचारियों व पेंशनरों की होने के अलावा 6 हजार करोड़ से अधिक की देनदारी पीडब्ल्यूडी विभाग के ठेकेदारों की सरकार के पास बकाया हो गई है। ऐसे में सरकार की परेशानियां बढ़ चुकी है।
