अव्यवस्था का शिकार है दौलतपुर चौक का सरकारी अस्पताल
ऊना/ सुखविंदर/15सितंबर /सरकारी अस्पताल की चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल कर सामने आई है। दरअसल, यहां अस्पताल में लाइट चले जाने के बाद डाक्टर मोबाइल टार्च की रोशनी में मरीजों का इलाज करते हुए नजर आते हैं। आपको बताते चलें कि जब भी अस्पताल में लाइट गुल हो जाती है तो पूरे अस्पताल में अंधेरा छा जाता है। अंधेरा हो जाने के बाद डाक्टर और कर्मचारी अपने अपने मोबाइल की लाइट जलाकर अपना कार्य करते हैं। डाक्टर मोबाइल की रोशनी से ही मरीजों का चैकअप करते देखे गए। परन्तु इस समस्या का समाधान करने के लिए डाक्टर और कर्मचारियों ने इन्वर्टर और जरनेटर को चालू करने की जहमत नहीं उठाई। यह मामला दौलतपुर चौक के सरकारी अस्पताल का है।यह अस्पताल आए दिन सुर्खियों में बना रहता है। इस अस्पताल में डॉक्टरों की कोई कमी नहीं है। इस अस्पताल में कभी एक्स रे मशीन खराब तो कभी मरीजों को हिम केयर और आयुष्मान जैसी सुविधाओं से वंचित रखने की शिकायतें आती रहती है। ऐसा ही एक मामला कुछ दिन पहले पत्रकारों के ध्यान में भी आया था जब पत्रकारों ने छानबीन करना चाही तो डाक्टरों द्वारा आनन-फानन में उक्त समस्या का समाधान कर दिया जाता है। जब इसकी जानकारी पत्रकारों ने खंड चिकित्सा अधिकारी गगरेट पंकज पराशर से लेनी चाही तो उन्होंने बताया कि अस्पताल के रखरखाव के लिए ढाई लाख रुपए ईएमजी के लिए भेजा जाता है और आरकेएस के लिए भी काफी बजट दिया जाता है। अगर ऐसा मामला है तो इसका कड़ा संज्ञान लिया जाएगा।
