February 20, 2026

सड़क दुर्घटनाओं में मददगारों को कानूनी संरक्षण देता है गुड समैरिटन कानून

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह
🔸सड़क दुर्घटना में घायलों के मददगार को कानूनी प्रक्रिया में नहीं किया जाएगा शामिल
🔸गुड समैरिटन कानून को लेकर लोगों को किया जागरूक


एसडीएम एवं आरटीए रविंद्र यादव ने बताया कि डीसी प्रदीप दहिया के दिशा-निर्देशन में जिले में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार को राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत आपातकालीन देखभाल और ‘गुड समैरिटन’ (अच्छे सामरी) नियमों पर जिले में जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के दौरान घायलों को समय पर सहायता प्रदान करने और मददगारों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। राव तुलाराम चौक, बस स्टैंड, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रौहद, पुराना बस अड्डा बहादुरगढ़ व ब्रिगेडियर होशियार सिंह मेट्रो स्टेशन क्षेत्र में जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया जिसमे काफी संख्या में लोगों ने इस कानून को बारिकी से जाना।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए प्राथमिक उपचार और त्वरित सहायता कितनी महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने बताया कि ‘गुड समैरिटन’ नियमों के तहत यह भी स्पष्ट किया कि किसी घायल की मदद करने वाले व्यक्ति को कानूनी प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा और उसे पुलिस या अस्पताल द्वारा परेशान नहीं किया जाएगा।
इस अवसर पर एक प्रायोगिक सत्र का भी आयोजित किया गया, जिसमें लोगों को प्राथमिक चिकित्सा देने के तरीके और एम्बुलेंस बुलाने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही, उपस्थित लोगों को जागरूक करते हुए बताया गया कि समय पर दी गई सहायता किसी की जान बचा सकती है। कार्यक्रम में आरटीए विभाग, पुलिस अधिकारियों, चिकित्सा विशेषज्ञों और स्वयंसेवी संगठनों ने भी भाग लिया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और जरूरतमंदों की मदद करने में कभी संकोच न करें। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत ऐसे जागरूकता अभियान पूरे देश में आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि सड़क सुरक्षा के महत्व को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।

बाक्सः
इस कानून को लेकर जागरूकता बढ़ाई जाएगी
एसडीएम ने कहा कि गुड सेमेरिटन कानून दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वाले व्यक्तियों को किसी भी कानूनी कार्यवाही से बचाने के लिए बनाया गया था। यह कानून किसी व्यक्ति को चोट से पीड़ित किसी अन्य व्यक्ति की मदद करने के लिए प्रोत्साहित करता है। इस कानून को लेकर जागरूकता अभियान जिले में चलाया जा रहा है। इस अभियान को और तेज किया जाएगा।

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