FSSAI ने एडवाइजरी ली वापस, अब A1 और A2 लेबलिंग के साथ बिकता रहेगा दूध
नई दिल्ली – फूड रेगुलेटर FSSAI ने अपनी वह एडवाइजरी वापस ले ली, जिसमें डेयरी प्रोडक्ट्स पर A1 और A2 की लेबलिंग हटाने का निर्देश दिया गया था।
फूड रेगुलेटर FSSAI का कहना है कि उसने सभी हितधारकों के साथ विचार-विमर्श किया। इससे यह निष्कर्ष निकला कि लेबलिंग हटाने से उपभोक्ताओं को दिक्कत हो सकती है। ऐसे में एडवाइजरी को वापस लेने का फैसला किया गया। इसका मतलब है कि डेयरी कंपनियां A1 और A2 लेबलिंग के साथ दूध और दूध से बने उत्पाद बेचना जारी रख सकती हैं। FSSAI ने जांच के बाद पाया था कि A1 और A2 का अंतर दूध में बीटा-कैसीइन प्रोटीन की संरचना से जुड़ा हुआ है। फिलहाल FSSAI नियम इस अंतर को मान्यता नहीं देता। 21 अगस्त की एडवाइजरी में फूड रेगुलेटर ने एफबीओ को छह महीने के पुराना स्टॉक खत्म करने और लेबलिंग को आगे जारी नहीं रखने का निर्देश दिया था।
A1 और A2 दूध में अंतर
A1 और A2 गाय के दूध में पाए जाने वाले बीटा-कैसीन प्रोटीन के बारे में बताता है। A1 प्रोटीन मुख्य रूप से उत्तरी यूरोप की नस्ल वाली गायों के दूध में मिलता है, जैसे कि होलस्टीन। वहीं, A2 प्रोटीन अधिकतर साहीवाल और गिर जैसी भारतीय नस्ल की गायों के दूध में मिलता है। एक्सपर्ट के मुताबिक, दूध में पाया जाने वाला 80 फीसदी प्रोटीन केसीन (Casein) होता है। A1 गाय के दूध में A1 बीटा-केसीन और A2 गाय के दूध में A2 बीटा-केसीन होता है।
