राष्ट्रीय कृषि विकास परियोजना के सौजन्य से कुत्तों के लिए निःशुल्क एंटी रेबीज टीकाकरण
जागरूकता शिविर एवं ज़िला ऊना प्रशासन की ओर से नशा मुक्त अभियान संयुक्त रूप से क्रम जारी,
किसान पशु क्रेडिट कार्ड ग़रीब पशु पालक की आर्थिक व्यवस्था की जीवन रेखा: डॉक्टर सतेंद्र ठाकुर
अजय कुमार,बंगाणा, उपमण्डल बंगाणा में राष्ट्रीय कृषि विकास परियोजना के सौजन्य से निःशुल्क एंटी रेबीज टीकाकरण अभियान और ज़िला प्रशासन के नशा मुक्त विशेष अभियान को लगातार गति मिल रही है। उपमंडल बंगाणा की ग्राम पंचायत हटली में वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी , प्रभारी उपमंडलीय पशु चिकित्सालय बंगाणा ,डाक्टर सतेंद्र ठाकुर की अध्यक्षता में एक विशाल शिविर का आयोजन किया गया जिस में 52 पालतु एवं 8 आवारा कुत्तों को एंटी रेबीज टीकाकरण किया गया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के दर्जनों शिविर उपमंडल की अलग पंचायतों में तीन महीने तक लगातार लगवाए जाएँगे तथा पूरी ईमानदारी के साथ पालतु एवं आबारा कुत्तों को निःशुल्क एंटी रेबीज टीकाकरण किया जाएगा। उपमंडल में यह लगातार छठा शिविर है जिस में 504 पालतु एवं आवारा कुत्तों को टीकाकरण किया जा चुका है। यह क्रम पूरे ज़ोर शोर से जारी है। टीकाकरण प्रक्रिया पूर्ण होने से पहले उन्होंने पचास के क़रीब पशु पालकों को विषाणु जनित घातक जानलेवा बीमारी रेबीज बारे विस्तृत जानकारी दी। रेबीज जोकि विषाणुजनित बीमारी है जिस के बारे पर्याप्त जानकारी न होने के कारण “विश्व स्वास्थ्य संघटन “के एक आँकड़े के मुताबिक़ पूरे विश्व में 60,000 के क़रीब हर वर्ष अमूल्य जीवन की क्षति हो रही है उस में से 20,000 मौतें मनुष्य जाति की हमारे भारत वर्ष में हो रही है और हज़ारों मवेशी भी असमायक मौत के शिकार हो रहे हैं जोकि चिंता का विषय है। इस बीमारी की रोकथाम और उन्मूलन के लिए हम सब को सामूहिक प्रयास करने चाहिए। उन्होंने बताया कि ये बीमारी 90 प्रतिशत मुख्यतः संक्रमित कुत्तों के काटने व उन की लार द्वारा मनुष्य और मवेशियों में फैलती है और जैसे ही इस बीमारी के लक्षण दिखाई देंगे उस मवेशी अथवा मनुष्य की मौत निश्चित है। जिस की वजह से पशु पालकों की आर्थिक व्यवस्था भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा की कुत्ता पालना अच्छी बात है जिसे आज स्टेटस सिंबल के साथ जोड़ा जा रहा है परंतु इस के साथ साथ पशु पालक को इन के टीकाकरण, पालन पोषण की पुख़्ता जानकारी अपने नज़दीकी पशु चिकित्सा अधिकारी अथवा वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी से लेना तथा इन का रजिस्ट्रेशन कार्ड बनवाना भी उतना ही ज़रूरी है। टीकाकरण समय बद्ध लगवाना अति अनिवार्य है साथ साथ वैक्सीन लगवाते समय कोल्ड चैन मैंटेन करना भी अति अनिवार्य होगा अन्यथा टीकाकरण मात्र औपाचारिकता ही होगी। पागल कुत्ते द्वारा काटे जाने पर ज़ख़्म को ठंडे पानी और एंटी सेप्टिक साबुन से अच्छी तरह साफ़ करें तथा पोस्ट बाईट टीकाकरण प्रक्रिया को पूरी तरह से अपनायें। पोस्ट बाईट टीकाकरण चिकित्सालयों एवं पशु चिकित्सालयों में मुफ़्त लगाया जाता है। इस लिए किसी भी प्रकार का जोखिम न उठायें। इस घातक जानलेवा बीमारी के उन्मूलन हेतु आबारा कुत्तों को पकड़ का टीकाकरण करवायें तथा उन का स्टर्लिज़ेशन ऑपरेशन भी करवायें जोकि “एनिमल बर्थ कंट्रोल “कार्यक्रम के अंतर्गत पशु चिकित्सालयों में मुफ़्त में किया जाता है। इस कार्यक्रम के साथ साथ डाक्टर सतेंद्र ठाकुर ने कहा कि पशु पालन विभाग ज़िला ऊना, उपमंडल बंगाणा ने उपायुक्त ज़िला ऊना राघव शर्मा द्वारा चलाया जा रहा “नशा मुक्त ऊना” विशेष अभियान के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का संकल्प लिया है और कहा कि इसे निःशुल्क एंटी रेबीज टीकाकरण अभियान के साथ जोड़ कर समाज के हरेक वर्ग को नशे के दुष्प्रभाव बारे व्यापक प्रचार प्रसार कर जागरूक किया जाएगा। क्योंकि यह किसी एक विभाग अथवा संस्था का कार्य नहीं बल्कि समाज के हरेक वर्ग की सामूहिक़ जिम्मेवारी है। नशा समाज के लिए धीमा ज़हर है और आज कल की युवा पीढ़ी इस के दल दल में बहुत तेज़ी से फँसती जा रही है जो कि चिंता का विषय बना हुआ है। सब को अपने बच्चों अथवा युवा वर्ग को विभिन्न विभिन्न प्रकार के नशे और उनके दुष्परिणाम बारे वक्त रहते आगाह करना होगा तथा जो युवा नशे के दल दल में फँसे हैं उन्हें हर हाल में बाहर निकालने के लिए भरसक प्रयास करना होगा, क्योंकि युवा इस देश की आन बान और शान हैं। युवा शक्ति के बिना भारत वर्ष को स्वच्छ, स्वस्थ और समृद्ध बनाने का संकल्प केवल कोरी कल्पना होगी। ऐसा ना करने पर आने वाली पीढ़ियाँ हमें कभी माफ़ नहीं करेंगी। डाक्टर सतेंद्र ने सभी पशु पालकों से इन दोनों अति महत्वपूर्ण अभियानों में सहयोग का अनुरोध किया और इस विशेष कार्यक्रम में आने के लिए धन्यवाद और अभिनंदन किया। सफल आयोजन के लिए अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी साधुवाद दिया।
इस कार्यक्रम में वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी बंगाणा डॉक्टर सतेंद्र ठाकुर के अतिरिक्त डॉक्टर अभिनव राणा, नरेश कुमार, सुरेश कुमार, भीम सिंह पशु औषधीयोजकों प्रशिक्षु वेटी फार्मासिस्ट सहित 52 के क़रीब पशु पालकों ने भाग लिया तथा नशे के ख़िलाफ़ एक जुट होने और जानलेवा बीमारी रेबीज को जड़ से ख़त्म करने की क़सम खाई।
