भारतीय खाद्य निगम ने खुले बाजार में गेहूं की ई-नीलामी शर्तों में किया आंशिक सुधार
मंडी, भारतीय खाद्य निगम के मंडल प्रबंधक काजल मंडल ने बताया कि खाद्य निगम ने खुले बाजार में गेहूं की साप्ताहिक ई-नीलामी शर्तों में आंशिक सुधार किया है। इससे अलग अलग स्वामित्व वाली इकाइयों को गेंहू की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और गेंहू उत्पादों के बाजार मूल्य को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि निगम बाजार में पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराकर खाद्यान्न की कीमत को स्थिर करने के उद्देश्य से हिमाचल में खुले बाजार बिक्री योजना के तहत साप्ताहिक आधार पर चावल ग्रेड-ए, फोर्टिफाइड चावल और गेहूं मुहैया करा रहा है।
उन्होंने कहा कि खरीदार, आटा मिलर्स, आटा चक्की और प्रोसेसर, चावल और गेहूं की ई-नीलामी में भाग लेने के लिए स्वयं को एम-जंक्शन पोर्टल पर सूचीबद्ध कर सकते हैं। खरीदारों को सूचीबद्ध करना एक सतत प्रक्रिया है।
काजल मंडल ने कहा कि भारतीय खाद्य निगम ने गेंहू के उत्पाद जैसे आटा, मैदा, सूजी, दलिया आदि बनाने वाले उपक्रमों को गेंहू की उपलब्धता बनाए रखने के लिए गेंहू की साप्ताहिक ई-नीलामी के शर्तों में आंशिक सुधार किए हैं। इससे अलग अलग स्वामित्व वाली इकाइयों को गेंहू की उपलब्धता सुनिश्चित होगी जोकि गेंहू उत्पादों के बाजार मूल्यों में स्थिर रखने में सहायक सिद्ध होंगे।
उन्होंने बताया कि पूर्व में एक जीएसटी पर अधिकतम 100 मिट्रिक टन गेंहू की खरीद की जा सकती थी, जिसमें परिवर्तन कर अब जीएसटी के साथ-साथ पैन भी लिंक कर दिया गया है तथा एक पैन पर खरीद की अधिकतम सीमा 100 मिट्रिक टन निर्धारित कर दी गई है। इसके अलावा, नीलामी में गेंहू खरीद करने वाली इकाइयों/उपक्रमों को इस बात का प्रमाणपत्र भी देना होगा की उनके द्वारा नीलामी में क्रय किए गए गेंहू से गेंहू उत्पादों का निर्माण उनके स्वयं के उपक्रम द्वारा की जाएगी ना की क्रय किए गए गेंहू को किसी दूसरे उपक्रम या व्यापारी को बेचा जाएगा। प्रत्येक बुधवार को होने वाली नीलामी में भाग लेने वाले उपक्रमों को पहले अमानत राशि मंगलवार के बजाए सोमवार को ही 6 बजे सायं तक जमा करनी होगी।
