February 20, 2026

देश भर में 19 अप्रैल से लोकसभा की कुल 543 सीटों के लिए पहले चरण का चुनाव

चुनाव प्रचार में मुद्दों की राजनीति से ज्यादा व्यक्तिगत कटाक्ष से सियासत का चुनावी माहौल गर्म

शिमला , देश भर में 19 अप्रैल से लोकसभा की कुल 543 सीटों के लिए पहले चरण का चुनाव होने जा रहा है। चुनाव प्रचार में मुद्दों की राजनीति से ज्यादा व्यक्तिगत कटाक्ष से सियासत का चुनावी माहौल गर्म हो चुका है। हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार व फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत ने चुनाव प्रचार के दौरान मनाली में कंगना रनौत ने मंत्री विक्रमादित्य सिंह को ‘छोटा पप्पू’ और ‘पलटूबाज’ कहा है। इससे पहले कंगना ने दावा किया था कि विक्रमादित्य दिल्ली में भाजपा मुख्यालय का चक्कर काट रहे थे।

कंगना के इन बयानों से हिमाचल में सियासी हलचल तेज हो गई है। हिमाचल युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव शशिकांत ने कंगना के इस बयान पर कडी़ प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि कंगना को मर्यादित शब्दों का चयन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विक्रमादित्य एक जननायक है, रियल और रील नेता में अंतर होता है। शशिकांत ने कंगना को नसीहत दी कि उनका अपनी जन्मभूमि मंडी के लिए क्या योगदान रहा है, इसकी चर्चा जनता में करें। उन्हें अपने और दूसरों के सम्मान का ध्यान रखकर बयानबाजी करनी चाहिए।

वहीं मंडी संसदीय सीट से कांग्रेस के संभावित प्रत्याशी विक्रमादित्य ने कंगना के इस बयान पर पलटवार करते हुए कहा था कि भगवान श्रीराम कंगना को सदबुद्धि दें। वह मुंबई में क्या खाती और पीती है इससे जनता का कोई सरोकार नहीं है। मंडी और प्रदेश के लिए अपने विजन पर अगर वह अपनी बात रखेगी तो सभी के लिए बेहतर होगा।

वहीं, अब कंगना पर पर पलटवार करते हुए विक्रमादित्य ने कहा कि भगवान राम उन्हें जल्द सदबुद्धि दें। वह क्या खाती हैं और मुंबई में क्या पीती हैं। हिमाचल की जनता को इससे कुछ लेना देना नहीं है। न ही यह हिमाचल के मुद्दे हैं। खाने पीने के बजाय कंगना मुद्दों पर बात करें तो बेहतर रहेगा। उन्होंने कहा, कंगना ने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है, खास तौर पर हमारे कांग्रेस, हिमाचल प्रदेश के लिए, उसके लिए मैं उन्हें कोटि कोटि प्रणाम करता हूं। आजतक ऐसी भाषा का इस्तेमाल हिमाचल में नहीं हुआ होगा।

दरअसल, पिछले हफ्ते मंत्री और कांग्रेस नेता विक्रमादित्य ने कंगना को कैंडिडेट बनाने पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा था कि हिमाचल देवी देवताओं का पवित्र स्थल है देवभूमि है जहां गो मांस का सेवन करने वाले चुनाव लड़ रहे हैं यह हमारी संस्कृति के लिए चिंता का विषय है जिसका राजनीति से कोई सरोकार नहीं है। इसके लिए विक्रमादित्य ने कंगना के पांच साल पुराने पोस्ट का हवाला दिया जिसमें कंगना ने लिखा था कि बीफ और दूसरा कोई मीट खाने में कोई बुराई नहीं है।

गौरतलब है कि भाजपा ने मंडी सीट से कंगना को अपना प्रत्याशी बनाया है तो वहीं, मौजूदा सांसद व प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के मैदान से हटने के बाद कांग्रेस पार्टी विक्रमादित्य को यहां से उम्मीदवार बना सकती हैं। बताया जा रहा है कि इसे लेकर कांग्रेस आलाकमान और विक्रमादित्य बातचीत चल रही है क्योंकि सिंह अभी हिमाचल सरकार में मंत्री हैं और वो शर्तों के साथ चुनाव लड़ना चाहते हैं। गौरतलब है कि हिमाचल में एक जून को लोकसभा की चार सीटों के अलावा विधानसभा की छह सीटों के लिए भी उप चुनाव होंगे।

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