January 25, 2026

तेहरान से 300 भारतीयों को लेकर आज दिल्ली आएगी पहली फ्लाइट

ईरान-अमेरिका में जंग की आहट से भारत अलर्ट मोड पर

नई दिल्ली, ईरान और अमेरिका के बीच गहराते युद्ध के संकट को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। संभावित अमेरिकी हवाई हमलों और बिगड़ते हालातों के मद्देनजर तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे सभी भारतीय नागरिकों से जल्द से जल्द ईरान छोड़ने की अपील की है। इस बीच, भारतीयों की वतन वापसी का सिलसिला शुरू हो गया है। शुक्रवार को 300 भारतीयों को लेकर एक विशेष विमान दिल्ली लैंड करेगा, जो वहां फंसे लोगों के लिए राहत की पहली बड़ी खबर है।

विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, युद्ध की आशंकाओं के चलते ईरान में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। तेहरान ने अस्थाई तौर पर कमर्शल उड़ानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था, जिससे चुनौतियां और बढ़ गई थीं। हालांकि, भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई एयरलाइन कंपनियों के संपर्क में है। नियमित उड़ानों के अलावा, भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष चार्टर फ्लाइट्स की व्यवस्था भी की जा रही है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि जिस तरह से आशंकाओं के बादल मंडरा रहे हैं, उसे देखते हुए नागरिकों को पहले ही वहां से निकाल लेना सबसे बेहतर विकल्प है।

इस संकट के बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने बताया कि ईरान में करीब 5,000 भारतीय छात्र हैं, जिनमें से कई शाहिद बेहेस्ती यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे हैं। ओवैसी ने कहा कि 70 से 80 छात्रों के परिजनों ने उनसे संपर्क कर मदद की गुहार लगाई है। चिंता की बात यह है कि कई छात्र गरीब परिवारों से आते हैं और उनके पास वापसी का टिकट खरीदने तक के पैसे नहीं हैं, जिससे वे वहां खुद को बेहद असहाय महसूस कर रहे हैं। ओवैसी ने सरकार से अपील की है कि इन छात्रों को सरकारी खर्च पर वापस लाया जाए।

आंकड़ों के मुताबिक, ईरान में कुल करीब 10,000 भारतीय नागरिक रहते हैं। मौजूदा तनावपूर्ण स्थिति में इन सभी की सुरक्षा भारत सरकार के लिए बड़ी चिंता का विषय है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अपने हर नागरिक को सुरक्षित वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है और आज आने वाली पहली फ्लाइट इसी बचाव अभियान की शुरुआत है। आने वाले दिनों में और भी उड़ानों के जरिए बाकी भारतीयों को वापस लाए जाने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *