उपमंडल बंगाणा में फैला आई फ्लू संक्रमण
अजय कुमार, बंगाणा, इन दिनों उपमंडल बंगाणा के लोग आई फ्लू बीमारी से संक्रमित हो रहे हैं। उपमंडल के 2 बड़े अस्पतालों में प्रतिदिन 5 से 6 मामले पहुंच रहे हैं। केंद्रीय विद्यालय बंगाणा के 15 से अधिक विद्यार्थी आई फ्लू बीमारी से संक्रमित हो चुके हैं। अस्पताल में सबसे ज्यादा केंद्रीय विद्यालय बंगाणा के विद्यार्थी उपचार के लिए प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक बरसात के मौसम में आंखों का यह रोग ज्यादा फैलता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थानाकलां और अस्पताल बंगाणा में प्रतिदिन आई फ्लू से संक्रमित लोग उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार आई फ्लू एक तेजी से फैलने वाला रोग है, इसमें आंख की उस झिल्ली में सूजन व लालिमा आ जाती है जो आंख के आगे के हिस्से को ढक कर रखती है। आई फ्लू आंख का एक रोग है, जिसे वायरल कंजक्टिवाइटिस के नाम से भी जाना जाता है। यह रोग इन्फेक्शन पैदा करने वाले वायरस के कारण होता है, इनमें एडीनोवायरस, हर्पीस, सिंपल्स वायरस, मिक्सोवायरस और पोल्स वायरस आदि शामिल हैं। वैसे तो आई फ्लू किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन ज्यादातर यह बच्चों में होते देखा गया है।
यदि आप संक्रमित आंख को अपनी उंगली से छूते हैं, तो आपकी उंगली वायरस से संक्रमित हो जाती है। उसके बाद यदि ये उंगलियां किसी स्वस्थ आंखों या आंखों के आस-पास की जगह को छू लेती हैं, तो उनमें भी आई फ्लू हो जाता है।
कार्बोक्सी मिथाइल सेल्यूलोज आई ड्रॉप दवाई को आंख में डालने से यह रोग कम होने लगता है। आंखों को पानी से बार-बार धोएं। कुछ समय बाद यह आइ फ्लू खुद ही ठीक हो जाता है अधिक पीड़ित होने पर नेत्र अस्पताल में ही उपचार करवाएं।
प्रस्तुति सहयोग– डॉक्टर चेतन मोदगिल बंगाणा
