हर गांव दिखाई देना चाहिए सुंदर- उपायुक्त
साफ-सुथरे गांव में बनी रहती है शांति और अमन
चरखी दादरी, जिला के हर एक गांव को ओडीएफ प्लस बनाने की दिशा में ग्राम पंचायतें आगे आकर कार्य करें। हर गांव में लोगों को खुद साफ-सफाई की व्यवस्था संभालनी चाहिए। जिला स्वच्छता ग्रामीण मिशन की बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त प्रीति ने यह बात कही। लघु सचिवालय सभागार में आयोजित हुई इस बैठक में उपायुक्त ने कहा कि फिलहाल दादरी जिला में 34 गांव ही ओडीएफ प्लस हैं, जबकि इतने समय में तो सौ से अधिक गांव इस फेहरिस्त में शामिल हो जाने चाहिए थे। उपायुक्त ने कहा कि जिस किसी गांव में सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए शेड का निर्माण किया जाए, वहां ग्राम पंचायत सदस्य को उसका इंचार्ज बनाना चाहिए। तरल कचरा प्रबंधन के लिए हर एक गांव में बीस-बीस सामुदायिक सॉक पिट बनाई जाएंगी। इनमें घरों से निकलने वाला गंदा पानी डाला जाएगा।
जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रदीप कौशिक ने बताया कि ग्रामीण स्वच्छता मिशन के अंतर्गत हर एक ब्लॉक में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट स्थापित की जाएगी। इस एक यूनिट की लागत 16 लाख रूपए है। इसमें प्लास्टिक के कचरे को पीसकर उसके बंडल बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गांव के स्कूल प्राचार्य, आंगनबाडी वर्कर, आशा वर्कर, चौकीदार, लंबरदार, ग्राम सचिव, स्वयं सहायता समूह, पशु औषधालय, जलघर के वर्करों सहित सभी सेवकों को सफाई अभियान में शामिल किया जाना चाहिए। एक गांव साफ-सुथरा दिखाई देगा तो इससे गांव की चारों तरफ सराहना अपने आप होने लगेगी।
जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सारवान ने कहा कि जो गांव ओडीएफ बन चुके हैं, वहां के लोगों को घरों में बने शौचालयों का प्रयोग करना चाहिए। गांव में कुरडिय़ों पर कूड़ा डालने की प्रथा को बंद किया जाए। अब तो गोबर से भी बायो गैस बनाई जाती है। गांव अचीना में करीब एक करोड़ की लागत से गोबरधन प्लांट स्थापित किया गया है।
इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी कृष्णा फौगाट, डा. संजय गुप्ता, अनुष्मा, रामनिवास एपीओ, सुपरवाईजर पायल सिलवंत, नवीन, सविता, मंजू, रोहित, विकास राणा इत्यादि मौजूद रहे।
