February 21, 2026

केजरीवाल की गिरफ्तारी बारे उचित तथ्य शीघ्र उजागर करे ईडी

शराब घोटाले को लेकर लंबे अरसे से ईडी के समक्ष पेश होने से बच रहे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आखिर गिरफ्तार कर लिए गए। आबकारी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को 6 दिन के ईडी रिमांड पर भेज दिया है। ईडी ने केजरीवाल को पूरे आबकारी घोटाले का मुख्य साजिशकर्ता बताते हुए 10 दिन के रिमांड की मांग की थी। केजरीवाल की मुश्किलें यहीं समाप्त होती नजर नहीं आ रही है। खबर यह भी है कि ईडी का रिमांड खत्म होने के उपरांत सीबीआई भी केजरीवाल को एक अन्य मामले में हिरासत में लेने के लिए अदालत का रुख करने की तैयारी में है।

सीबीआई भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत उस भ्रष्टाचार की जांच कर रही है जिसमें उसने दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया व अन्य को गिरफ्तार किया है। बता दें कि मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए गिरफ्तार होने वाले अरविंद केजरीवाल पहले नेता है। उनकी गिरफ्तारी इसलिए अधिक चकित करती है क्योंकि उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ अलख जगा कर यह कहते हुए राजनीति में कदम रखा था कि वे नई तरह की राजनीति करेंगे।

देखा जाए तो शराब घोटाले में अपनी गिरफ्तारी के लिए एक हद तक केजरीवाल स्वयं भी जिम्मेवार है। उन्होंने बिना किसी ठोस आधार के प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दिए गए एक के बाद एक 9 समन की अनदेखी की। दिल्ली में नई शराब नीति बनाकर घोटाले को अंजाम देने के आरोपों का सामना कर रहे अरविंद केजरीवाल और उनके सहयोगी अपनी सफाई में कुछ भी कह रहे हों लेकिन इस नीति को लेकर तभी संदेह गहरा गया था जब घोटाले का शोर उठते ही उसे वापस ले लिया गया था जबकि यह भी कहा गया था कि यह देश की सर्वश्रेष्ठ शराब नीति है।

शराब घोटाले में अब तक केजरीवाल के अतिरिक्त दिल्ली के उप मुख्यमंत्री रहे मनीष सिसोदिया और सांसद संजय सिंह भी गिरफ्तार हो चुके हैं। इसके अलावा दिल्ली में घोटाले में शामिल बताए जा रहे दिल्ली सरकार के अधिकारी और शराब कारोबारी भी गिरफ्तार हुए हैं। इस घोटाले में गिरफ्तार किसी भी व्यक्ति को जमानत नहीं मिली है। केजरीवाल को भी नहीं मिली और मनीष सिसोदिया तो लगभग 1 वर्ष से जेल में है। बड़ी बात तो यह भी है कि नई शराब नीति के जरिए शराब कारोबारी को अनुचित लाभ पहुंचाने और घोटाला किया जाने की बात खुद दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव ने कहीं थी।

हालांकि आम आदमी पार्टी सहित कुछ विपक्षी पार्टियां पीएमएलए के तहत की जा रही गिरफ्तारियों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कह रही हैं कि सरकार राजनीतिक विरोधियों का उत्पीड़न कर रही है। क्योंकि यह राजनेताओं की गिरफ्तारी से संबंधित विषय है अतः जांच एजेंसियों को शराब घोटाले व अन्य मामलों को शीघ्र अंजाम तक पहुंचना चाहिए। चूंकि लोक सभा चुनावों की घोषणा हो चुकी है ऐसे में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के मुद्दे को आम आदमी पार्टी व उसके सहयोगी दल चुनाव प्रचार के दौरान पूरी तरह भुनाने की कोशिश करेंगे। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर देश दुनिया की नज़रें टिकी हुई है। आवश्यक है कि इस बारे उचित तथ्य शीघ्र जनता के सामने उजागर किए जाएं।

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