डेंगू एवं पर्यावरण प्रदूषण के प्रति जागरूकता के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर-घर सर्वे
डेंगू की स्थिति नियंत्रण में, अभी भी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत- डॉ विधान चंद्रा
सचिन सोनी, नूरपुर बेदी 09 नवम्बर
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डाॅ. बलबीर सिंह के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न टीमों ने लोगों को वेक्टर जनित बीमारियों से बचाने के लिए सुबह 8:00 बजे से डेंगू के लार्वा के स्रोतों की जांच की और पर्यावरण प्रदूषण के कारण बीमार व्यक्तियों के बारे में घर-घर जाकर जानकारी ली। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. विधान चंद्रा ने कहा कि डेंगू की स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अभी भी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है और लोगों को अपने आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस सर्वेक्षण अभियान का उद्देश्य लोगों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी जुटाना, बीमार लोगों का इलाज कराना और बचाव के लिए जागरूकता पैदा करना है। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों, बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं की टीमों ने घर-घर जाकर डेंगू मच्छर के लार्वा के हॉटस्पॉट का निरीक्षण किया, जिसमें कूलर, रेफ्रिजरेटर के पीछे की ट्रे, बर्तन और धूपदान भी शामिल थे। पर्यावरण में बढ़ते प्रदूषण के कारण खांसी, घरघराहट, नाक बहना, आंखों में खुजली और सिर भारी होने की समस्या हो सकती है। वायु प्रदूषण से गर्भवती महिलाएं और बच्चे गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं। सुबह धुंए में टहलने की बजाय सूर्योदय के बाद जब हवा साफ हो तो टहला जा सकता है। स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों एवं उपकेंद्रों ने लोगों को डेंगू बुखार के लक्षण, मच्छर पनपने के कारण एवं उससे बचाव के बारे में जानकारी दी तथा विभिन्न स्थानों पर बुखार सर्वेक्षण किया।
