जेनेवा से आई गावी टीम ने नूंह में टीकाकरण कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की
हर बच्चे तक जीवन रक्षक टीके पहुंचाना प्राथमिकता: उपायुक्त अखिल पिलानी
2026 तक जीरो डोज बच्चों की संख्या घटाने के लक्ष्य पर हुई चर्चा नूंह जिले में नियमित टीकाकरण को सशक्त बनाने तथा जीरो डोज बच्चों की संख्या को कम करने के उद्देश्य से ग्लोबल एलायंस फॉर वैक्सीन एंड इम्यूनाइजेशन (गावी) के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को नूंह का दौरा किया। इस अवसर पर उपायुक्त अखिल पिलानी ने लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में जेनेवा से आए गावी प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर जिले में टीकाकरण कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि जिले में किसी भी बच्चे को जीवन रक्षक टीकों से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि जीरो डोज बच्चों की पहचान कर उन्हें नियमित टीकाकरण कार्यक्रम से शीघ्र जोड़ा जाए। उन्होंने बताया कि जीरो डोज चाइल्ड का अर्थ ऐसे एक वर्ष तक के बच्चे से है जिसने अभी तक गलघोंटू (डीपीटी) का टीका नहीं लगवाया है। ऐसे बच्चों को चिन्हित कर टीकाकरण सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। उपायुक्त ने कहा कि गावी (ग्लोबल एलाइंस फोर वैक्सीनस एंड इम्यूनाइजेशन) तथा भारत सरकार के संयुक्त प्रयासों से जिले में टीकाकरण सेवाओं को और मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दूरदराज क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाकर अभिभावकों को बच्चों के समय पर टीकाकरण के प्रति जागरूक किया जाए। बैठक के दौरान गावी टीम ने जिला स्वास्थ्य अधिकारियों एवं विकास सहयोगी संस्थाओं के साथ जिले में जीरो डोज बच्चों की पहचान, माइक्रो प्लानिंग, सेवा वितरण की निगरानी तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने से संबंधित रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने टीकाकरण डेटा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए (यू-मेंटर) ऐप के प्रभावी उपयोग, समुदाय में जागरूकता बढ़ाने के लिए एंबेसडर कार्यक्रम को मजबूत करने तथा माता-पिता को समय पर सूचना देने के लिए एसएमएस रिमाइंडर प्रणाली को बढ़ावा देने जैसे सुझाव भी दिए। इसके अलावा कम टीकाकरण वाले क्षेत्रों में कम्युनिटी मोबिलाइजर की नियुक्ति कर समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। गावी द्वारा वर्ष 2026 तक भारत में जीरो डोज बच्चों की संख्या में लगभग 30 प्रतिशत तक कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें नूंह जैसे जिलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उपायुक्त अखिल पिलानी ने कहा कि गावी टीम द्वारा दिए गए सुझावों को प्राथमिकता के साथ लागू किया जाएगा, ताकि जिले में टीकाकरण कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके तथा प्रत्येक बच्चे तक जीवन रक्षक टीकों की पहुंच सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर जेनेवा से आए गावी प्रतिनिधिमंडल में डॉ. पवन कुमार, अतिरिक्त आयुक्त (प्रतिरक्षण), भारत सरकार, थाबानी मोफोस, चीफ कंट्री डिलीवरी ऑफिसर गावी, स्मिता सिंह, सीनियर मैनेजर – वैक्सीनेशन डिमांड एंड कम्युनिटी एंगेजमेंट, एल. होमेरो हर्नांडीज, सीनियर कंट्री ऑफिसर, सबरीना क्लेमेंट, इंडिया सीनियर प्रोग्राम मैनेजर तथा पाउला गोंजालेस, सीनियर मैनेजर – रिसोर्स मोबिलाइजेशन शामिल रहे।