January 27, 2026

उपायुक्त ने सीनियर सेंकेडरी स्कूल बगली को लिया गोद

सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता पर रहेगा विशेष फोक्स: बैरवा

धर्मशाला: कांगड़ा जिला के उपायुक्त हेम राज बैरवा जी ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बगली को गोद लिया जो कि जिला कांगड़ा के सबसे पुराने विद्यालयों में से एक है। मंगलवार को उपायुक्त हेमराज बैरवा ने सीनियर सेेकेंडरी स्कूल बगली के परिसर में पहुंचकर स्कूल की शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में जानकारी लेने के उपरांत कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में नवाचार करते हुए ‘अपना विद्यालयः स्कूल गोद लेने का कार्यक्रम’ नामक एक महत्वाकांक्षी पहल शुरू की गई है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार लाना और उन्हें संसाधनों से सशक्त बनाना है। इस योजना के अंतर्गत प्रतिष्ठित नागरिकों जैसे सांसद, विधायक, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी आदि को शामिल किया जा रहा है। ये सभी अधिकारी कम से कम एक स्कूल को गोद लेंगे और उसकी समग्र प्रगति के लिए मार्गदर्शन करेंगे। वे छात्रों को सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करेंगे, करियर काउंसलिंग देंगे, तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग करेंगे। इस पहल का मूल उद्देश्य शिक्षा को सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ना और छात्रों के समग्र विकास को बढ़ावा देना है।
उन्होंने नैतिक शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया तथा कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अनुकूल वातावरण की एकमात्र बुनियादी आवश्यकता शिक्षकों और विद्यार्थियों की ईमानदारी से पढ़ाने और सीखने की इच्छा और उत्सुकता है। उन्होंने आगे दोहराया कि वे नियमित रूप से स्कूल का दौरा करेंगे और स्कूल की बेहतरी के लिए शिक्षकों, एसएमसी सदस्यों और छात्रों के साथ लगातार बातचीत करेंगे।इसके अलावा उन्होंने कहा कि वे स्कूल के विद्यार्थियों को हर प्रकार की गतिविधियों में भाग लेने तथा शिक्षा, खेल आदि में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास करेंगे। विद्यार्थियों में नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर नियंत्रण और रोकथाम के अलावा कैरियर काउंसलिंग, कानूनी और पोषण संबंधी जानकारी के लिए विशेष पहल की जाएगी।डिप्टी कमिश्नर ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया का सीमित उपयोग होना चाहिए तथा वर्तमान युवाओं में सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से उत्पन्न जटिलताओं के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए।

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