मुच्छाली व घड़ोह के ग्रामीणों में भूमि का तटीकरण करने की उठाई मांग
भूमि कटाव व खनन से वह रही सैंकड़ों कनाल भूमि
अजय शर्मा, बंगाणा,
मुच्छाली व घड़ोह के ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार से भूमि का तटीकरण करने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रतिवर्ष भूमि कटाव व खनन होने से ग्रामीणों व सरकार की सैकड़ो कनाल भूमि खड्ड का रूप धारण कर रही है। दोनों गावों के ग्रामीण पिछले 10 वर्षों से विभिन्न विभागों से नष्ट हो रही भूमि का चैनेलाइजेशन करने की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई भी विभाग इस दिशा में कार्य करने के लिए अभी तक तैयार नहीं हुआ है।
भूमि का तटीकरण न होने के कारण हर वर्ष सैकड़ों कनाल जमीन बहने से किसानों को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। जब तक भूमि का तटीकरण नहीं होता है, तब तक बाढ़ से भूमि कटाव होता रहेगा । इस बाबत स्थानीय उप प्रधान अजय शर्मा, शक्ति चंद, ओम प्रकाश, नरेश कुमार, नरेंद्र कुमार, मेहरचंद, वरिंदर कुमार, जसवीर चंद, कमल किशोर, अमरजीत, राकेश कुमार, करतार सिंह, कुलदीप चंद, दौलत राम ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मांग की है कि किसानों की प्रभावित भूमि का तटीकरण किया जाए।
हाल ही भयंकर बाढ़ व बादल फटने की घटनाओं से किसानों की सैंकड़ों कनाल भूमि बह गई है। जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि वर्तमान सरकार किसानों की इस मांग को प्राथमिकता के आधार पर तटीकरण का कार्य आरंभ करे, ताकि किसानों की भूमि का कटाव रुक सके। अगर भूमि का तटीकरण समय पर किया जाता है तो इससे जहां किसानों की सैंकड़ों एकड़ जमीन का कटाव होने से रुक जाएगा। वहीं क्षेत्र के घरों को भी सुरक्षा होगी।
अमित कुमार भू संरक्षण अधिकारी ऊना ने इस संबंध में कहा कि गांव की भूमि का चैनेलाइजेशन करने के लिए सरकार से बजट की मांग रखी जाएगी अगर सरकार फंड उपलब्ध करवाती है तो गांव की भूमि का चैनेलाइजेशन करवाया जाएगा।
