एचपी ई-ऑफिस प्रणाली में बिलासपुर जिला प्रदेश में अव्वल, डीसी राहुल कुमार बोले डिजिटल प्रशासन की दिशा में बड़ी उपलब्धि
बिलासपुर, 16 जनवरी 2026 हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा कार्यालयों में कागज रहित और डिजिटल कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई एचपी ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन में जिला बिलासपुर ने प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह प्रणाली राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा विकसित ई-ऑफिस उत्पाद सूट पर आधारित है, जिसका उद्देश्य सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही को सुदृढ़ करना है।
एचपी ई-ऑफिस के माध्यम से पारंपरिक कागज-आधारित फाइल प्रणाली को इलेक्ट्रॉनिक व्यवस्था से प्रतिस्थापित किया गया है, जिससे न केवल समय और लागत की बचत हो रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सार्थक योगदान सुनिश्चित हुआ है। ई-फाइल प्रणाली के अंतर्गत फाइलों का निर्माण, डायरीकरण, ट्रैकिंग और रिकॉर्ड प्रबंधन पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज़ और अधिक प्रभावी बनी है। सुरक्षित वेब-आधारित पहुंच के माध्यम से अधिकारियों को कहीं से भी कार्य करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
प्रदेश में विभिन्न जिलों के उपायुक्त कार्यालयों द्वारा ई-ऑफिस प्रणाली के उपयोग का मूल्यांकन किया गया, जिसमें बिलासपुर जिला ने 12,887 ई-फाइल्स के साथ पहला स्थान प्राप्त किया। इस क्रम में चंबा जिला दूसरे और मंडी जिला तीसरे स्थान पर रहा। शिमला, सोलन और कांगड़ा जैसे बड़े जिलों को भी इस सूची में पीछे छोड़ते हुए बिलासपुर का शीर्ष स्थान पर रहना जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता और अधिकारियों-कर्मचारियों की कार्यकुशलता को दर्शाता है।
इस उपलब्धि पर उपायुक्त राहुल कुमार ने जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली को पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से अपनाने का परिणाम आज प्रदेश स्तर पर देखने को मिला है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में जिला प्रशासन डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए आम जनमानस को पारदर्शी, त्वरित और उत्तरदायी सेवाएं प्रदान करता रहेगा।
उपायुक्त ने यह भी कहा कि ई-ऑफिस जैसी पहलें शासन प्रणाली में सकारात्मक परिवर्तन की आधारशिला हैं और इनसे न केवल कार्य संस्कृति में सुधार होता है, बल्कि जनता का प्रशासन पर विश्वास भी और अधिक मजबूत होता है।
