चिन्हित अपराध के मामलों की मजबूती से पैरवी करें अधिकारी :डीसी
डीसी कैप्टन शक्ति सिंह व एसपी डा अर्पित जैन ने चिन्हित अपराध योजना की ली समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
झज्जर, डीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा कि माननीय अदालतों में चल रहे मामलों का निर्धारित समयावधि में जबाव दाखिल किया जाए,ताकि मामलों का त्वरित निपटारा हो सके। डीसी कैप्टन शक्ति सिंह लघु सचिवालय में आयोजित चिन्हित अपराध योजना की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दे रहे थे। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ अर्पित जैन भी मौजूद रहे।
डीसी ने विभागों के मुखियाओं को निर्देश दिए कि वे अपने विभागों से संबंधित केंसों को एलएमएस (लिटिगेशन मैनेजमेंट सिस्टम) पर अपलोड कराना सुनिश्चित करें,साथ ही केस से संबंधित जबाव पंद्रह दिनों के अंदर रिप्लाई किया जाए। इतना ही नहीं जिस केस में शिकायतकर्ता के ब्यान से मुकरने की स्थिति हो,ऐसे मामलों में तुरन्त ब्यान दर्ज कराए जाएं। उन्होंने दोहराया कि चिन्हित मामलों में अपराधी को सजा दिलवाने के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। निरंतर एक-दूसरे के संपर्क में रहकर केस को माननीय अदालतों में पुख्ता सबूतों के साथ मजबूती से पैरवी करने की जरूरत है।
डीसी ने कहा कि अपराधी को जल्द से जल्द सजा मिलने पर समाज मेंं सकारात्मक संदेश जाता है और अपराध की प्रवृत्ति कम होती है। ऐसे अपराध जो चिन्हित अपराध की श्रेणी में शामिल किए जाते हैं , पुलिस विभाग उनकी प्राथमिकता के आधार पर पूरी गहनता से जांच रिपोर्ट तैयार कर जिला न्यायवादी विभाग के साथ आपसी समन्वय से कार्य करे।
डीसी ने उप जिला न्यायवादी को निर्देश देते हुए कहा कि माननीय अदालतों में पैरवी से पहले केस का अच्छी तरह अध्ययन कर साक्ष्यों को भी जांच लें। चिन्हित अपराध योजना के मामलों पर की गई कार्यवाही की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उल्लेखनीय है कि पोक्सो, जेजे एक्ट, एनडीपीएस कमर्शियल, एमटीपी, पीसी-पीएनडीटी एक्ट सहित अन्य अति गंभीर श्रेणी के मामले चिन्हित अपराध की श्रेणी में शामिल किए जाते हैं ताकि पीड़िता को जल्द न्याय मिले और अपराधी को सजा। इस अवसर पर डीएमसी जगनिवास,एसडीएम झज्जर विशाल कुमार,सिविल सर्जन डा ब्रह्मदीप सिंह, एडीए पारूल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
