डी ए वी संस्था अपने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव तत्पर है:राजेश धर्मानी
घुमारवीं। डीएवी संस्था न केवल प्रदेश अपितु देश के अनेक क्षेत्रों में शैक्षणिक संस्थाओं एवं शिक्षा के विस्तार के लिए एक समृद्ध व वृहद ढांचे के रूप में प्राचीन समय से कार्य कर रही है। हिमाचल प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राजेश धर्मानी ने घुमारवीं स्थित डी ए वी स्कूल के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की अध्यक्षता करते हुए यह विचार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि डी ए वी संस्थान द्वारा शिक्षा के प्रसार के लिए प्रयुक्त ढांचे को सरकार द्वारा भी प्रदेश में शिक्षा का स्तर बढ़ने के लिए समानांतर रूप में उपयोग करने के प्रति मुख्यमंत्री से चर्चा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के बजट का पांचवा हिस्सा शिक्षा पर खर्च किया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा शैक्षणिक स्तर को और विकसित करने तथा माहौल को सुधारने के लिए गंभीरता से प्रयास किया जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन में लगभग 1200 बच्चे एक साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं जो कि सच में सराहनीय है उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ हम अन्य गतिविधियों में भी बाढ़-चलकर हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि हमें मूल्य पर आधारित शिक्षा के साथ-साथ समाज में व्याप्त मौलिकता के प्रति भी ज्ञान अर्जित करना है । उन्होंने कहा कि मानव के भविष्य का आधार विद्यालय है। डी ए वी संस्था अपने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव तत्पर है। कार्यक्रम में स्कूल प्रधानाचार्य विनोद शर्मा ने मुख्य अतिथि के सामने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की इसके बाद स्कूली बच्चों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
समारोह में बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम से खूब समां बाँधा।कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना के साथ हुई ।वही वेलकम सॉन्ग को क्लासिकल डांस के साथ प्रस्तुत किया गया। बच्चों ने पहाड़ी गीत तथा पहाड़ी ग्रुप सॉन्ग पेश कर लोगों को मंत्र मुक्त कर दिया। जहां एलजी के बच्चों ने डांस में अपनी परफॉर्मेंस दी, वहीं यूकेजी के बच्चों द्वारा मोबाइल एडिक्शन पर दिखाई अपनी प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया ।कार्यक्रम में यूकेजी के बच्चों के द्वारा डाले गए भाँगडे ने लोगों को झुमने पर मजबूर कर दिया ।इसके अलावा शिव विवाह, गीत तथा लघु नाटक की मिश्रित पेशकश के साथ-साथ बच्चों द्वारा महाभारत का बेहतरीन मंचन किया गया ।
